किशनगंज मंडल कारा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है जिसका उद्देश्य कैदियों में टीबी के संभावित मरीजों की पहचान करना और टीबी निवारक उपचार देना है। यह अभियान 23 मार्च 2026 से शुरू हुआ है और 3 नवंबर 2026 तक चलेगा जिसमें जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। पात्र कैदियों को जिला टीबी केंद्र और सहयोगी संगठनों की निगरानी में 3एचपी-आधारित निवारक उपचार दिया जा रहा है।
डीपीएम डॉ. मुनजिम द्वारा 2 जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 की अवधि के लिए दिए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में
5,32,220 लोगों की जांच की गई है। इसमें संवेदनशील समूह अंकन श्रेणी के तहत पहचाने गए 1,87,205 लोग शामिल हैं जो कुल जांच का 35 प्रतिशत है। कुल 44,186 एक्स-रे जांच की गईं। सितंबर में 18,500 के लक्ष्य के मुकाबले 11,268 एक्स-रे किए गए जिससे 61 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई। 1 से 12 अक्टूबर के बीच 7,250 के लक्ष्य के मुकाबले 2,680 एक्स-रे दर्ज किए गए जो 37 प्रतिशत उपलब्धि दर को दर्शाता है।
टीबी निवारक उपचार के संबंध में जिले ने 97 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की जिसमें 620 अधिसूचित टीबी मामलों से जुड़े 3,290 लाभार्थियों के लक्ष्य में से 2,950 लोगों ने उपचार पूरा कर लिया है और 340 मामले अभी लंबित हैं। इसके अलावा विभेदित टीबी देखभाल के तहत 620 में से 609 मामलों को सेवाएं मिल चुकी हैं और 11 मामले लंबित हैं।
जिला मजिस्ट्रेट नवीन कुमार ने टीबी मुक्त भारत प्राप्त करने के लिए लक्ष्यों को पूरा करने और लंबित मामलों के समय पर निष्पादन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने शुरुआती निदान और उपचार प्रोटोकॉल की निरंतर निगरानी के महत्व पर प्रकाश डाला। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी और सीडीओ डॉ. मंजर आलम ने जोर देकर कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत प्रयास और सामुदायिक जागरूकता एक दूसरे के पूरक बने रहने चाहिए।