किशनगंज में कालाजार खत्म करने के लिए घर-घर जांच अभियान 21 से

MyBhagalpur Team19 September 20262 min read11 viewsHealth
किशनगंज में कालाजार खत्म करने के लिए घर-घर जांच अभियान 21 से

किशनगंज जिले में गंभीर बीमारी कालाजार के खतरे को रोकने के लिए 21 से 30 सितंबर तक घर-घर जाकर मरीजों की पहचान का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समय पर बीमारी की पहचान करना और इलाज कराना है, साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है।

  • 21 से 30 सितंबर तक चलेगा घर-घर कालाजार जांच अभियान।
  • हर आशा कार्यकर्ता रोज कम से कम 50 घरों का दौरा करेगी।
  • अभियान में 24,041 लोगों और 4,592 घरों को कवर किया जाएगा।
  • संदेह होने पर प्राइमरी हेल्थ सेंटर स्तर पर होगी आरके-39 किट से जांच।

आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है ट्रेनिंग

संक्रमित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. म मंजर आलम ने बताया कि 19 सितंबर को एक बैठक हुई थी जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को संदिग्ध मामलों की पहचान करने, जांच के तरीकों और मरीज को भेजने के नियमों की ट्रेनिंग दी गई थी। प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को हर दिन कम से कम 50 घरों का दौरा करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो अधिकतम 250 घरों तक पहुंचेगी। यह अभियान 24 चिन्हित गांवों के 4,592 घरों में रहने वाले 24,041 लोगों को कवर करेगा। इसमें 24 आशा कार्यकर्ता और 18 आशा फैसिलिटेटर काम की देखरेख करेंगी।

15 दिन या उससे अधिक बुखार वाले मरीजों पर रहेगा विशेष ध्यान

ऐसे लोगों पर खास ध्यान दिया जाएगा जो 15 दिन या उससे अधिक समय से बुखार से पीड़ित हैं, खासकर जिनका बुखार मलेरिया या एंटीबायोटिक इलाज के बाद भी ठीक नहीं हुआ है। संदिग्ध मरीजों की जांच प्राइमरी हेल्थ सेंटर स्तर पर आरके-39 किट से की जाएगी। जिन लोगों का पहले कालाजार का इलाज हो चुका है और उनमें फिर से लक्षण दिख रहे हैं, या जिन्हें त्वचा पर चकत्ते हैं और बीमारी का पुराना इतिहास है, उनकी भी जांच की जाएगी। यदि कोई मरीज पॉजिटिव मिलता है, तो तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाएगा।

दैनिक डेटा की होगी निगरानी और अधिकारियों की होगी नजर

डॉ. मंजर आलम ने बताया कि संदिग्ध और कंफर्म मामलों का रोज का डेटा रखा जाएगा और उसकी निगरानी की जाएगी, साथ ही फॉलो-अप के नियम भी बनाए गए हैं। इस अभियान की निगरानी ब्लॉक स्तर पर मेडिकल ऑफिसर, बीएचएम, बीसीएम, वीडीएस और पीओडीसी करेंगे, और जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों व कालाजार कंसलटेंट द्वारा की जाएगी। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग करें और लक्षण छुपाएं नहीं बल्कि बताएं, क्योंकि जल्द पहचान करना जिले के इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लक्ष्य के लिए बहुत जरूरी है। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने यह भी जोड़ा कि लगातार रहने वाले बुखार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, और उन्होंने नागरिकों को परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिले को कालाजार मुक्त बनाने में योगदान देने के लिए तुरंत जांच कराने के लिए प्रोत्साहित किया।

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