किशनगंज: सड़क हादसे के पीड़ितों को अब मिलेगा 1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज

किशनगंज में पीएम राहत योजना के तहत सड़क हादसे के पीड़ितों को 1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। जानें कैसे उठाएं लाभ।

Banibrata Chakraborty7 November 20262 min read0 viewsBihar
किशनगंज: सड़क हादसे के पीड़ितों को अब मिलेगा 1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज

बिहार के किशनगंज जिले में सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों के लिए एक बड़ी राहत आई है। अब किशनगंज पीएम राहत योजना के जरिए सड़क हादसे में घायल हुए लोगों को सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी किसी की जान पर भारी न पड़े और गरीब से गरीब व्यक्ति को भी समय पर इलाज मिल सके।

इस योजना की अहमियत को बहादुरगंज ब्लॉक के लोहागरा गांव के एक मामले से समझा जा सकता है। 6 नवंबर को यहां एक स्थानीय निवासी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और अस्पताल का खर्च उठाना उनके लिए नामुमकिन जैसा था। ऐसे में पीएम राहत योजना के तहत पीड़ित को 1.50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिला, जिससे परिवार को भारी वित्तीय बोझ से मुक्ति मिली। जिला समन्वयक पंकज कुमार ने बताया कि अब तक जिले में तीन पीड़ितों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

इन अस्पतालों में मिलेगी सुविधा और ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन

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इस कैशलेस सुविधा का लाभ लेने के लिए पीड़ित की जानकारी को निर्धारित निजी अस्पतालों में TMS 2.0 पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किया जाता है। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया जाता है। किशनगंज में कुल आठ अस्पतालों को इस सुविधा के लिए चुना गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • MGM मेडिकल कॉलेज
  • क्रिब्स हॉस्पिटल
  • नियाज मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (ठाकुरगंज)
  • रेडिएंट मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
  • जे.ए. नर्सिंग होम
  • डॉ. निरंजन चाइल्ड केयर
  • सेकंड साइट केयर
  • बीआर नेत्रालय

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन की प्राथमिकता जीवन बचाना है और आर्थिक तंगी इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने आम जनता से अपील की है कि हादसे के बाद पैसों की चिंता छोड़कर घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि दुर्घटना के बाद का 'गोल्डन ऑवर' जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। आपातकालीन सहायता के लिए लोग 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

डीपीएम डॉ. मुनजिम ने दोहराया कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य यह है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी पीड़ित को चिकित्सा सहायता से वंचित न रहना पड़े।

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