किशनगंज: महिलाओं और किशोरियों को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
किशनगंज के कोचाधामन में महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

बिहार के किशनगंज जिले के कोचाधामन ब्लॉक में महिलाओं और किशोरियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक विशेष पहल की गई है। गुरुवार को आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 97 में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति सचेत करना था। जिला मजिस्ट्रेट नवीन कुमार के निर्देशों और बिहार महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं को यह समझाया कि समाज में उनकी गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है। जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, बीबी चमन आरा, केस वर्कर देविका कुमारी और महिला पर्यवेक्षक रितु रानी ने उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। चर्चा का मुख्य केंद्र महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा, बेहतर पोषण और आर्थिक स्वतंत्रता रहा।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने की अपील
इस मौके पर वक्ताओं ने समाज में गहराई तक पैठ बना चुकी गंभीर समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुए महिलाओं को प्रेरित किया कि वे शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं और चुप रहने के बजाय रिपोर्ट दर्ज कराएं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह लड़कियों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है।
कार्यक्रम में सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और मिशन शक्ति के बारे में विस्तार से बताया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इनका लाभ उठा सकें।
जिला मजिस्ट्रेट नवीन कुमार ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी समृद्ध समाज की नींव महिला सशक्तिकरण पर टिकी होती है और प्रशासन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, किशनगंज की डीपीओ और नोडल अधिकारी वंदना पांडे ने भरोसा दिलाया कि महिला एवं बाल विकास निगम ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक सहायता और जागरूकता पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।