लखीसराय में 12 दिसंबर को सजेगी नेशनल लोक अदालत, जागरूकता रथ रवाना
लखीसराय में 12 दिसंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।

लखीसराय जिले के लोगों के लिए कानूनी विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का एक बड़ा मौका आने वाला है। आगामी 12 दिसंबर 2026 को जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारी तेज हो गई है और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है।
गुरुवार को सिविल कोर्ट परिसर से जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैयद मोहम्मद शब्बीर आलम ने एक प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव विद्यानंद सागर, जिला बार एसोसिएशन के महासचिव सुबोध कुमार और कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। यह मोबाइल जागरूकता रथ अब जिले के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और गांवों में जाएगा, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लोक अदालत के लाभ की जानकारी पहुंच सके।
पुराने रिकॉर्ड तोड़ने और विवाद सुलझाने का लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश सैयद मोहम्मद शब्बीर आलम ने बताया कि इस बार का लक्ष्य पिछले सत्र की तुलना में अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से निपटाना है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह साल की आखिरी लोक अदालत है, इसलिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है ताकि हाशिए पर रहने वाले नागरिकों को भी इसका लाभ मिले। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ज्यादा से ज्यादा सुलह योग्य (compoundable) मामलों की पहचान की जाए और संबंधित पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर समय पर कानूनी नोटिस भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस नेशनल लोक अदालत के माध्यम से लोग अपने कई तरह के कानूनी विवादों का समाधान पा सकते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बैंक लोन डिफॉल्ट से जुड़े मामले।
- बिजली बिल और विभाग से संबंधित विवाद।
- मोटर दुर्घटना दावा मामले।
- पारिवारिक और वैवाहिक विवाद।
- श्रम विवाद और अन्य सुलह योग्य आपराधिक मामले।
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया और भारी खर्च के, कम समय में विवादों का निपटारा हो जाता है, जिससे लोग अनावश्यक मुकदबाबाजी से राहत पा सकते हैं।