भागलपुर, 04 सितंबर। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने शुक्रवार को लत्तीपुर–नरकटिया ज़मींदारी तटबंध का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने नदी के बढ़ते जलस्तर और जलप्रवाह की बदलती दिशा का जमीनी आकलन किया, ताकि क्षेत्र को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।
- मंत्री ई. शैलेंद्र ने किया लत्तीपुर-नरकटिया तटबंध का निरीक्षण
- जलस्तर और जलप्रवाह की बदलती दिशा का लिया जायजा
- अधिकारियों से ली सुरक्षा उपायों की जानकारी
तटबंध पर मौजूद जल संसाधन विभाग के एसडीओ राजेश कुमार मेहरा और कार्य संवेदक राजीव उर्फ नुनु चौधरी से मंत्री ने मौजूदा स्थिति और सुरक्षा उपायों को लेकर विस्तृत जानकारी ली। मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ई. शैलेंद्र ने कहा कि पिछले साल उच्चतम बाढ़ स्तर से नीचे जलस्तर रहने के बावजूद इस इलाके में पानी के ओवरफ्लो की गंभीर स्थिति बन गई थी। लेकिन इस बार, हालांकि पूरे क्षेत्र में जलस्तर काफी ऊंचा है, फिर भी लत्तीपुर-नरकटिया के पास पानी एचएफएल से काफी नीचे है, जो एक राहत की बात है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नदी की धारा में हो रहे बदलावों, जलप्रवाह की दिशा और इसका तटबंध पर पड़ने वाले दबाव का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं के साथ आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की और रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा,
तटबंध की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलप्रवाह के हर छोटे-बड़े बदलाव को समझना और उसके अनुरूप समय रहते कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे।