जमुई: महाराजगंज में 80 साल पुरानी काली पूजा की तैयारी, सजेगा भव्य मेला
जमुई के महाराजगंज में 80 वर्षों से चली आ रही काली पूजा और मेले का आयोजन होने जा रहा है। जानें पूजा और विसर्जन की पूरी तारीख।

जमुई जिले के महाराजगंज में आस्था और परंपरा का संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। यहां के प्रसिद्ध काली मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी वार्षिक काली पूजा और मेले का भव्य आयोजन होने जा रहा है। खास बात यह है कि यह परंपरा पिछले 80 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है, जिससे इस उत्सव के प्रति लोगों में भारी उत्साह रहता है।
इस साल का उत्सव कार्तिक मास की अमावस्या की रात से शुरू होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के मुताबिक, 8 नवंबर को मां काली की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी, जिसके बाद 10 नवंबर तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना चलेगी। उत्सव का समापन 11 नवंबर को होगा, जब खैरा रोड स्थित कवैया पोखर में प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। भक्तों की मान्यता है कि मां काली के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता और जो भी सच्ची श्रद्धा से मन्नत मांगता है, उसकी मुराद पूरी होती है।
तैयारियां अंतिम चरण में, उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
मेले और पूजा को यादगार बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। पुरानी बाजार के श्रवण पंडित प्रतिमा निर्माण की देखरेख कर रहे हैं, वहीं थाना चौक के रसीला लाइट सजावट का जिम्मा संभाल रहे हैं। हालांकि मंदिर का निर्माण कार्य अभी चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां हर मंगलवार और शनिवार को शाम की आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। साथ ही, महीने में एक बार स्थानीय भक्तों द्वारा भव्य 'महाप्रसाद' का वितरण भी किया जाता है।
मां काली पूजा समिति, महाराजगंज ने आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन को दे दी गई है। समिति में अध्यक्ष चंद्रदेव सिंह, सचिव मुकेश कुमार भगत, संयोजक मोहन प्रसाद राव, उपाध्यक्ष अमरजीत सिन्हा, कोषाध्यक्ष रंजीत सिन्हा और सक्रिय सदस्य छोटू रजक के साथ स्थानीय युवाओं की टीम पूरी मेहनत से जुटी है। बाजार क्षेत्र में मंदिर होने के कारण यहां दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।