लखीसराय के महेशलेता मुसहरी में बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती सच तस्वीर

लखीसराय जिले के चानन से प्रकाश मंडल की एक रिपोर्ट में महादलित टोलों में विकास के सरकारी दावों और जमीन पर मौजूद सच्चाई के बीच एक बड़ा अंतर सामने आया है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के बावजूद 500 की आबादी वाले महेशलेता मुसहरी गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। पंचायत मुखिया पिंकी देवी ने विकास पहल की है, लेकिन लगातार सिंचाई और पीने का पानी सुनिश्चित करना एक चुनौती बना हुआ है। गांव में आंगनवाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय तो है, लेकिन मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का जल योजना लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की कथित लापरवाही के कारण विफल हो रही है। वार्ड नंबर आठ के सदस्य श्याम सुंदर मंडल ने बताया कि बोरिंग तो की गई है, लेकिन सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके अलावा, मौजूदा चापाकल भी खराब हालत में हैं। उमर मांझी, सुखो मांझी, सुदाम मांझी, डोमन मांझी, झगड़ मांझी और कुको मांझी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि हालांकि पाइप और नल लगाए गए हैं, लेकिन गर्मियों के महीनों में पानी की आपूर्ति अनियमित रहती है। इसके अलावा, एक उचित जल निकासी प्रणाली की कमी के कारण पंचायत सरकार भवन के चारों ओर लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है। भागवत मांझी, विक्की मांझी, अंकित मांझी और अंकुश कुमार सहित आधे से अधिक दर्जन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है। पात्रता मानदंडों को पूरा करने के बावजूद वे मिट्टी के घरों में रहने को मजबूर हैं। सर्वे होने के बावजूद लाभार्थियों का मामला अधर में लटका हुआ है। मुखिया पिंकी देवी ने इन चिंताओं पर बात करते हुए कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और आश्वासन दिया कि पात्र लाभार्थियों को आवास सहायता मिलेगी।