महिषी गोलीबारी के बाद बाबा करू खिरहर मंदिर का संचालन एसडीओ के हाथ में, दानपेटी से आठ लाख रुपये मिले

सहरसा के महिषी में स्थित संत शिरोमणि बाबा करू खिरहर मंदिर की कमान अब सदर एसडीओ के पास चली गई है। वर्चस्व की जंग को लेकर हुई हिंसक झड़प के बाद यह फैसला लिया गया है। यह घटना 4 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जिसमें गोलीबारी के दौरान शंभू खिरहर और लक्ष्मण खिरहर घायल हो गए थे। इस मामले में मंदिर के ट्रस्टी निरंजन कुमार और उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है।
- सदर एसडीओ के निर्देश पर बीडीओ भारत कुमार सिंह और राजस्व अधिकारी मनीषा कुमारी मंदिर की चार दानपेटियों को खोलकर गिनती करा रहे हैं।
- शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 तक लगभग आठ लाख रुपये गिने जा चुके हैं और गिनती रविवार को भी जारी रही।
- आगामी आश्विन नवरात्रि सप्तमी और विजया दशमी के त्योहारों को देखते हुए मंदिर परिसर में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
- शांति व्यवस्था बनाए रखने और आने वाले श्रद्धालुओं को महाप्रसाद बांटने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं।
दानपेटी की गिनती और अधिकारी
सदर एसडीओ के निर्देश पर बीडीओ भारत कुमार सिंह और राजस्व अधिकारी मनीषा कुमारी मंदिर की चार दानपेटियों को खुलवाकर गिनती करवा रहे हैं। शनिवार 10 अक्टूबर 2026 तक लगभग आठ लाख रुपये की गिनती हो चुकी थी और यह प्रक्रिया रविवार तक चलती रही।
त्योहार की तैयारियां और सुरक्षा
आगामी आश्विन नवरात्रि सप्तमी और विजया दशमी के त्योहारों को देखते हुए मंदिर स्थल पर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने और आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को महाप्रसाद बांटने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। गिनती के दौरान पूर्व महिषी दक्षिणी पंचायत मुखिया नरेश कुमार यादव, संजय कुमार, रविंद्र खिरहर और पंकज यादव जैसे कई स्थानीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
हिंसा और कार्रवाई का पूरा मामला
यह विवाद 4 अक्टूबर की झड़प से शुरू हुआ था, जहां पुलिस ने मौके से चार चले हुए कारतूस बरामद किए थे। 7 अक्टूबर तक पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था और उनके पास से दो देसी पिस्तौल, एक कट्टा और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। यह हिंसा दिलीप कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें पुलिस बल पर पथराव और एक वाहन में आग लगाने के आरोप शामिल थे। स्थानीय प्रशासन की देखरेख में महासप्तमी मेले की तैयारी और भक्तों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।