कटिहार: MJM महिला कॉलेज में गूंजा सद्भावना का संदेश, छात्रों ने ली एकता की शपथ

MyBhagalpur Team20 August 20262 min read33 viewsDevelopment and good news
कटिहार: MJM महिला कॉलेज में गूंजा सद्भावना का संदेश, छात्रों ने ली एकता की शपथ

कटिहार के पूर्णिया विश्वविद्यालय की इकाई MJM महिला कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा सद्भावना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दी गई श्रद्धांजलि।
  • छात्रों और शिक्षकों ने ली सद्भावना की शपथ।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

प्रेम और भाईचारे पर जोर

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीलम कुमारी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सद्भावना दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में प्रेम, भाईचारे, शांति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता है।

छात्रों ने ली भेदभाव न करने की शपथ

इस अवसर पर छात्रों को सद्भावना शपथ दिलाई गई। इस शपथ में जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न करने, सभी का समान सम्मान करने और समाज में शांति, सद्will, भाईचारे और एकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि विविधता में एकता भारत की मुख्य विशेषता है। प्रतिभागियों ने 'नफरत छोड़ो, प्यार अपनाओ' जैसे नारों के जरिए सामाजिक सद्भाव का संदेश फैलाया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दी गई सीख

कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. दीपाली मंडल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और राजीव गांधी के जीवन व उनके योगदान पर प्रकाश डाला। NSS की छात्रा आयुषी ने पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन पर भाषण दिया, जबकि नंदिनी, कविता और सरस्वती ने कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सद्भाव का संदेश दिया।

एकजुटता के लिए सामूहिक जिम्मेदारी

NSS प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। इस शपथ ग्रहण समारोह में डॉ. नुपुर कुमारी, डॉ. पूर्णिमा, प्रीति, डॉ. श्वेता, अर्चना कुमारी, डॉ. अंजू सिंह, जीनत कौसर, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. शगुफ्ता, केंडुला सिंह, निशा मिश्रा, चंदन और राजेश सहित कई शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंबिका ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और सभी से ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आग्रह किया जहां विविधता विभाजन का कारण नहीं, बल्कि ताकत की नींव बने।

Share:

Comments

Leave a comment