चौंकाने वाली खबर: मुंगेर-भागलपुर फोरलेन सड़क पर फिर पड़ी दरारें!

मुंगेर और भागलपुर के बीच बन रही फोरलेन सड़क पर एक बार फिर बड़ी समस्या सामने आई है। इस खबर में जानिए सड़क की स्थिति और अधिकारियों के बयान से जुड़ी सभी अहम बातें।
रतनपुर-बड़ियारपुर के बीच आई दरारें
मुंगेर-भागलपुर के बीच बन रही अंडर-कंस्ट्रक्शन फोरलेन सड़क पर चौथी बार दरारें आ गई हैं। यह समस्या विशेष रूप से रतनपुर और बड़ियारपुर के बीच के हिस्से में हुई है। ये दरारें पिछले तीन दिनों से साफ दिखाई दे रही हैं।
मिट्टी धंसने को माना जा रहा कारण
रतनपुर और घोरघाट के बीच का इलाका मुख्य रूप से बाढ़ प्रभावित है। इस क्षेत्र में मिट्टी का धंसना इस नुकसान का मुख्य कारण माना जा रहा है। सड़क की सतह के नीचे बाढ़ का पानी पहुंच गया था और उसके बाद हुई भारी बारिश ने मिट्टी को कमजोर कर दिया, जिससे सड़क की ऊपरी परत में दरारें आ गईं। हालांकि, असली कारण की पुष्टि एक औपचारिक जांच के बाद ही हो पाएगी। नुकसान के बावजूद सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही अभी चालू है।
पहले भी टूट चुका है यह हिस्सा
इससे पहले भी रतनपुर और घोरघाट के बीच के हिस्से में इसी तरह का नुकसान होने पर उसे तोड़कर दोबारा बनाना पड़ा था। इससे निर्माण में इस्तेमाल की गई क्वालिटी और टेक्नोलॉजी पर बड़े सवाल खड़े हो गए थे।
हर दिन गुजरते हैं 10 हजार से ज्यादा वाहन
एनएच डिवीजन के रिटायर्ड एक्सक्यूटिव इंजीनियर मनोरंजन कुमार पांडे ने बताया कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण यह रास्ता बिहार, झारखंड, बंगाल और सीमांचल के बीच कनेक्टिविटी का एक अहम विकल्प बन गया है। इस समय इस रास्ते से रोज 10,000 से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मरम्मत के लिए फोरलेन सड़क को बंद किया गया, तो बिहार, झारखंड और बंगाल से आने वाले भारी वाहनों का ट्रैफिक रुक जाएगा। इससे खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, मुंगेर और जमुई सहित एक दर्जन से ज्यादा जिले प्रभावित होंगे।
एनएचएआई का बयान
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष कुमार ने कहा कि उन्हें मीडिया के जरिए दरारों की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि नुकसान सिर्फ ऊपरी सतह तक ही सीमित है। उन्होंने पुष्टि की है कि इस मामले की जांच की जाएगी और उसके बाद उचित कार्रवाई होगी।