भागलपुर के नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के दौरान लापरवाही और प्रॉक्सी ड्यूटी का बड़ा मामला सामने आया है। गोपाल कुमार ने मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज को लिखित शिकायत दी है कि उनकी बहन शबनम कुमारी की डिलीवरी के दौरान अस्पताल में भारी लापरवाही बरती गई।
- 18 सितंबर 2026 की रात करीब 12:00 बजे शबनम कुमारी को डिलीवरी के लिए सीएचसी लाया गया था।
- ड्यूटी पर तैनात आशा वर्कर उषा देवी अस्पताल में मौजूद नहीं थीं।
- शिकायत में आरोप है कि आशा वर्कर उषा देवी पिछले कई सालों से ड्यूटी से गायब हैं लेकिन उन्हें सैलरी मिल रही है।
- उषा देवी के पति वकील दास उनकी जगह खुद ड्यूटी करते हैं और खुद को आशा वर्कर बताते हैं।
वकील दास ने रिपोर्टर से बातचीत में पुष्टि की कि उनकी पत्नी उषा देवी पिछले दो साल से लकवा से पीड़ित हैं और वह खुद उनकी ड्यूटी निभाते हैं, हालांकि उनका दावा है कि उनकी पत्नी आधिकारिक बैठकों में जाती हैं।
गोपाल कुमार ने बताया कि डिलीवरी के दौरान कोई भी आशा या ममता वर्कर मौजूद नहीं थी क्योंकि वे सो रही थीं, जिससे उनकी बहन को बहुत दर्द सहना पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि एएनएम ने अगली सुबह प्राइवेट दवा के नाम पर उनसे जबरन पैसे वसूले। इस घटना के दौरान मोनी देवी और हेमंती देवी गवाह के रूप में मौजूद थीं।
सीएचसी में डिलीवरी के लिए अवैध रूप से पैसे वसूलने की अक्सर शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने मंगलवार को मामले की जांच कराने का वादा किया है।