बड़ी राहत! नरकटिया तटबंध का स्लूइस गेट खुलने से किसानों के खिले चेहरे

भागलपुर के नरकटिया में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नरकटिया जमींदारी बांध का स्लूइस गेट खोलने की तैयारी से किसानों ने राहत की सांस ली है। इस पहल से गौरपुर, अमरपुर, सोनबरसा, मरवा और जमालपुर जैसे गांवों के किसानों को फायदा होगा।
- जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता कबीरंजन के आदेश पर गेट खोलने का काम शुरू
- रविवार को गेट को सील करने वाले जियो-बैग हटाने का काम शुरू हुआ
- सोमवार को स्लूइस गेट पूरी तरह से खोला जाएगा
- गंगा-कोसी तटबंधों के बीच जमा पानी की निकासी होगी आसान
ग्रामीणों और मजदूरों की मदद से हो रहा काम
जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता कबीरंजन ने पुष्टि की है कि जियो-बैग हटाने की प्रक्रिया रविवार को पूरी हो जाएगी और सोमवार को स्लूइस गेट खोल दिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई से गंगा और कोसी के बीच जमे फालतू पानी को निकालने में मदद मिलेगी, जिससे स्थानीय खेती की जमीनों को बहुत जरूरी राहत मिलेगी। ठेकेदार और पंचायत समिति सदस्य राजीव चौधरी उर्फ नुनु चौधरी ने बताया कि स्लूइस गेट खुलने से जलभराव वाले खेतों से पानी निकलने का रास्ता साफ हो जाएगा। यह पूरा काम ग्रामीणों और मजदूरों की मदद से किया जा रहा है।
किसानों की मुश्किलें और जलभराव की समस्या
स्थानीय किसान अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जलभराव इस क्षेत्र में खेती के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके कारण समय पर जुताई और फसलों की बुआई नहीं हो पाती है। एक अन्य किसान अरुण संघाही ने बताया कि जब भी गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ता है, तो खेतों में पानी भर जाता है। उन्होंने आगे कहा कि बोरवेल और अन्य जल स्रोत भी पानी से घिर जाते हैं, इसलिए खेतों को सूखने में काफी समय लगता है। हालांकि स्लूइस गेट खुलने से कुछ पानी निकल जाएगा, लेकिन संघाही ने यह भी कहा कि बचा हुआ पानी मक्का और गेहूं की बुआई में बाधा डालता रहता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।