भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में शनिवार को गंगा और कोisi नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और कटाव का भीषण खतरा अभी टला नहीं है। दोनों नदियां लगातार उफान पर बनी हुई हैं और इस कारण क्षेत्र के चार सबसे प्रमुख संवेदनशील तटबंधों के टो पर पानी का भारी दबाव है।
- गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है
- इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा नदी खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है
- राघोपुर इलाके में नदियों के तेज कटाव से स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त है
- प्रशासन द्वारा अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील बताए गए हैं
भागलपुर, 29 अगस्त। जिले के नवगछिया अनुमंडल में शनिवार को गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन
तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और कटाव का भीषण खतरा अभी टला नहीं है। दोनों नदियां लगातार उफान पर बनी हुई हैं। इस कारण क्षेत्र के चार सबसे प्रमुख संवेदनशील तटबंधों के 'टो' पर पानी का भारी दबाव है।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार,
इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं, राघोपुर इलाके में नदियों के तेज कटाव ने स्थानीय जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई घर और कृषि योग्य भूमि लगातार नदी में विलीन हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
दूसरी ओर, मदरौनी और जेबी चोरहर इलाके में
कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटे क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। तटबंधों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य तेज कर दिए गए हैं। अभियंताओं की टीम लगातार संवेदनशील स्थलों की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके। प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।