नवगछिया में गंगा और कोसी का रौद्र रूप, खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा

MyBhagalpur Team30 September 20262 min read4 viewsBihar
नवगछिया में गंगा और कोसी का रौद्र रूप, खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा

भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से उफान शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस्माईलपुर-बिंदटोली के पास गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे तटवर्ती और निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ का संकट गहराने लगा है। जल संसाधन विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले बहत्तर से छियानवे घंटों में जलस्तर में करीब एक मीटर की और बढ़ोतरी होने की आशंका है।

  • इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई
  • अगले बहत्तर से छियानवे घंटों में जलस्तर में एक मीटर बढ़ोतरी की आशंका
  • प्रशासन ने दियारा और निचले इलाकों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की

गंगा और कोसी का जलस्तर बढ़ा

केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा नदी का जलस्तर अपने खतरे के निशान एकतीस दशमलव छह शून्य मीटर को पार कर गया है। नदी वर्तमान में लाल निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और इसका रुख लगातार बढ़ने की ओर है। वहीं राघोपुर में गंगा नदी पिछले बारह घंटों में चौदह सेंटीमीटर की भारी वृद्धि के साथ यहाँ का जलस्तर बत्तीस दशमलव सात एक मीटर दर्ज किया गया है। यह वर्तमान में अपने चेतावनी स्तर बत्तीस दशमलव छः आठ मीटर से ऊपर है, हालांकि खतरे के निशान तेतीस दशमलव छः आठ मीटर से अभी नीचे बना हुआ है।

मदरौनी और जेबी चोरहर में कोसी नदी की स्थिति

उधर मदरौनी में कोसी नदी में भी उफान जारी है। पिछले बारह घंटों में आठ सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ यहाँ जलस्तर तीस दशमलव आठ सात मीटर तक पहुंच गया है। यह अपने चेतावनी स्तर तीस दशमलव चार आठ मीटर को पार कर चुका है और खतरे के निशान इकतीस दशमलव चार आठ मीटर की तरफ बढ़ रहा है। जबकि जेबी चोरहर में कोसी नदी का जलस्तर इकतीस दशमलव तीन छः मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान इकतीस दशमलव सात सात मीटर से फिलहाल इकतालीस सेंटीमीटर नीचे है।

प्रशासन की निगरानी और निर्देश

नदियों में दोबारा आ रहे इस उफान की वजह से इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध और उसके संवेदनशील स्परों पर पानी का भारी दबाव बनने लगा है। जल संसाधन विभाग के फील्ड इंजीनियरों और अभियंताओं को मुख्यालय में ही कैंप करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि तटबंधों की चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी की जा सके। फिलहाल विभाग की ओर से सभी प्रमुख स्थलों पर तटबंधों को पूरी तरह सुरक्षित और स्थिति को नियंत्रण में बताया गया है। फिर भी, प्रशासन ने दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की है।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment