भागलपुर: NH 133E फोरलेन विस्तार के लिए टेंडर जारी, 587 करोड़ से बदलेगी सूरत
भागलपुर से खरहरा तक NH 133E को फोरलेन बनाने के लिए 587 करोड़ का टेंडर जारी हुआ। जानें पूरी प्रोजेक्ट डिटेल।

भागलपुर के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने NH 133E को फोरलेन में बदलने के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर जारी कर दिया है। यह प्रोजेक्ट भागलपुर से लेकर खरहरा गांव (ढाका मोड़) तक फैला हुआ है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और रफ्तार दोनों बढ़ेंगी।
इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई 36.6 किलोमीटर है और इसे पूरा करने के लिए करीब 587.47 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है। भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि टेंडर 4 नवंबर को जारी किया गया था और अब 31 दिसंबर को इसके तकनीकी बोलियों (technical bids) को खोला जाएगा। सांसद मंडल के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने के लिए उन्होंने संसद से लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय तक लगातार प्रयास किए थे।
क्षेत्र के विकास और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
इस फोरलेन प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य न केवल सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है, बल्कि इलाके में व्यापार, कृषि और पर्यटन को नई गति देना भी है। सांसद ने इस बड़ी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है।
प्रोजेक्ट की तैयारी को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:
- सड़क चौड़ीकरण के लिए सीमांकन (demarcation) का काम करीब दो साल पहले ही पूरा हो चुका है।
- जगदीशपुर जैसे कुछ इलाकों में अतिक्रमण की समस्या आ सकती है, जिसके लिए प्रशासन पहले से सतर्क है।
- सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है और उन ढांचों पर निशान लगा दिए गए हैं जो सड़क विस्तार के रास्ते में आ रहे हैं।
- राहत की बात यह है कि भागलपुर बाईपास से Lohia ब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
प्रशासन ने इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 24 महीने का समय निर्धारित किया है। एक बार यह हाईवे बनकर तैयार हो गया, तो भागलपुर और आसपास के गांवों के लिए सफर काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।