सोमवार, 7 सितंबर 2026 को भागलपुर के मायागंज और सदर अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। गौतम वेदपानी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की छुट्टी के बाद जब अस्पताल खुले और मौसम साफ रहा, तो दूर-दराज के इलाकों से मरीज आसानी से पहुंच सके। अस्पताल पहुंचते ही मरीजों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी लाइनों का सामना करना पड़ा।
मरीजों की यह भीड़ पूरे दिन बनी रही। लोगों को डॉक्टर के कमरे में दिखाने के लिए, पैथोलॉजी और रेडियोडॉजी जांच के लिए तथा दवा लेने के लिए भी लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। अस्पतालों में यह भारी भीड़ पिछले कुछ दिनों की प्रशासनिक परेशानियों के बाद आई है।
3 सितंबर 2026 को मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने ओपीडी और आईपीडी ड्यूटी से सीनियर डॉक्टरों के गायब रहने की शिकायतों पर एक इमरजेंसी मीटिंग की थी। इसमें बताया गया था कि इमरजेंसी सेवाओं को पीजी छात्र संभाल रहे थे। इसके अलावा 4 सितंबर 2026 को यह रिपोर्ट सामने आई थी कि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद मायागंज अस्पताल में डॉक्टर तय एंडोस्कोपी जांच के लिए मौजूद नहीं थे।
यह स्वास्थ्य सेवाएं उस समय प्रभावित हो रही हैं जब क्षेत्र में अन्य स्वास्थ्य चिंताएं भी बनी हुई हैं। 2 सितंबर 2026 को मौसम खराब होने के कारण आने-जाने में परेशानी हुई थी। वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पांच विशेष स्वास्थ्य कैंप चला रहा है, जहां रोज लगभग 350 से 400 लोगों का इलाज हो रहा है। इसके अलावा 6 सितंबर 2026 को गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ता हुआ दर्ज किया गया था जिससे स्थानीय ढांचा दबाव में है।