सावधान! भागलपुर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का बढ़ा आतंक, अस्पतालों में उमड़ी भीड़

MyBhagalpur Team20 August 20262 min read38 viewsHealth
सावधान! भागलपुर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का बढ़ा आतंक, अस्पतालों में उमड़ी भीड़

भागलपुर और आसपास के ब्लॉकों में पालतू कुत्तों और बिल्लियों के हिंसक व्यवहार में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। लोग इलाज के लिए मायागंज और सदर अस्पताल पहुँच रहे हैं, जिससे एंटी-रेबीज वैक्सीन की मांग बढ़ गई है।

• सदर अस्पताल के ARV सेंटर में पिछले चार महीनों में 8,211 लोगों को पांच खुराक वाला टीका लगा है।

• मायागंज अस्पताल के PSM विभाग की OPD में हर महीने औसतन 600 मरीज टीकाकरण के लिए आ रहे हैं।

• घरेलू पालतू जानवरों के काटने के मामले आवारा कुत्तों की तुलना में अधिक हैं।

बढ़ रहे हैं हमले और मामले

हाल ही में बुधवार को अलीगंज निवासी करण के पैर पर उनके पड़ोसी के पोमेरियन कुत्ते ने काट लिया। सदर अस्पताल की सीनियर नर्स नीलम कुमारी के अनुसार, 100 में से 75 मरीज पालतू जानवरों के काटने के शिकार होते हैं, जबकि केवल 25 प्रतिशत लोग आवारा कुत्तों के काटने से प्रभावित होते हैं। इसमें बच्चे सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। बरारी निवासी शंकर लाल ने बताया कि उनका महंगा रॉटवाइलर, जो पहले शांत था, अचानक चिड़चिड़ा और आक्रामक हो गया और खाना खिलाते समय उसने परिवार के दो सदस्यों को काट लिया। जर्मन शेफर्ड और अन्य विदेशी नस्लों के साथ-साथ स्थानीय नस्ल के कुत्तों में भी ऐसा व्यवहार देखा गया है।

विशेषज्ञों की राय और कारण

पशु चिकित्सक आशुतोष कुमार ने बताया कि पालतू जानवरों में व्यवहार का यह बदलाव बीमारी, चोट के कारण दर्द, डर, तनाव, पर्यावरण में बदलाव, दिनचर्या में गड़बड़ी या हार्मोनल बदलाव की वजह से हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी असामान्य व्यवहार को नजरअंदाज न करें और रेबीज की जांच के लिए तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। JLNMCH के PSM विभाग के प्रमुख डॉ. कमरान फजल ने चेतावनी दी कि रेबीज एक जानलेवा और लाइलाज बीमारी है। उन्होंने मालिकों से अपने पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की और बताया कि जिला से ब्लॉक स्तर तक के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध है।

टीकाकरण के आंकड़े

सदर अस्पताल में टीकाकरण के आंकड़े इस प्रकार रहे: अप्रैल में 2,765, मई में 1,699, जून में 1,547, जुलाई में 1,443 और 18 अगस्त तक 767 मामले। वहीं मायागंज अस्पताल में 12 अगस्त को 11, 11 अगस्त को 5, 13 अगस्त को 6, 14 अगस्त को 1, 17 अगस्त को 9 और 18 अगस्त को 6 टीकाकरण के मामले दर्ज किए गए।

Share:

Comments

Leave a comment