विक्रमशिला सेतु बंद: एसडीआरएफ की नाव पर गूंजी किलकारी, बुजुर्ग को भी मिली मदद

MyBhagalpur Team9 October 20262 min read0 viewsHealth
विक्रमशिला सेतु बंद: एसडीआरएफ की नाव पर गूंजी किलकारी, बुजुर्ग को भी मिली मदद

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बंद होने के कारण लोगों को गंगा पार करने के लिए नावों कासहारा लेना पड़ रहा है। इस दौरान इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के जयमंगल टोला निवासी ज्योतिष कुमार की गर्भवती पत्नी संगीता देवी ने शुक्रवार को जाह्नवी चौक घाट से बियाडा घाट जाते समय एसडीआरएफ की नाव पर एक बच्चे को जन्म दिया। घाट पर पहुंचते ही महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने वहां तैनात मेडिकल टीम से मदद मांगी। इसके बाद नाव पर ही प्रसव कराया गया। एएनएम के रूप में अपनी पहचान बताने वाली तीन महिलाएं नाव पर आईं और नवजात की जांच कर बताया कि उसमें जीवन के कोई लक्षण नहीं मिले। मां को प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, हालांकि अस्पताल ने अभी तक नवजात की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

नौगछिया के बुजुर्ग रामदास यादव को मिली मदद

इसी दिन एक अन्य घटना में नवगछिया के खैरपुर कडवा निवासी 84 वर्षीय रामदास यादव को जाह्नवी घाट से बियाडा घाट तक एसडीआरएफ की मोटरबोट से ले जाया गया। उनकी नाजुक सेहत के कारण नियमित नाव पर चढ़ना संभव नहीं था। उनके बेटे प्रद्युम्न कुमार ने मदद के लिए जाह्नवी चौक कार्यालय में प्रशासन से संपर्क किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन ने मोटरबोट से ले जाने की व्यवस्था की। प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि प्रशासनिक सहयोग से वे आसानी से भागलपुर पहुंच गए और कहा कि डॉक्टर से सलाह लेने के बाद उनकी वापसी की यात्रा के लिए व्यवस्था पर चर्चा की गई है।

सेतु बंद होने से हो रही परेशानी

विक्रमशिला सेतु के बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के निवासियों को नदी पार करने के लिए जहाजों और नावों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन घटनाओं ने पुल के बंद रहने के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर प्रशासनिक तालमेल की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया है।

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