पूर्णिया: कलेक्ट्रेट में हेड क्लर्कों की समीक्षा बैठक, लंबित कार्यों को जल्द निपटाने के निर्देश
पूर्णिया कलेक्ट्रेट में हेड क्लर्कों की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें रिटायरमेंट लाभ और पेंडिंग फाइलों के त्वरित निपटान पर जोर दिया गया।

पूर्णिया जिला प्रशासन ने सरकारी कामकाज में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को एक अहम कदम उठाया। जिला मजिस्ट्रेट अंशुल कुमार के दिशा-निर्देशों पर कलेक्ट्रेट स्थित महानंदा ऑडिटोरियम में हेड क्लर्कों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विभागीय जांच सह अपर समाहर्ता विनय कुमार सह और स्थापना उप समाहर्ता इंद्रजीत कुमार ने संयुक्त रूप से की।
बैठक की शुरुआत विभिन्न जिला कार्यालयों से आए हेड क्लर्कों और क्लर्कों के पंजीकरण के साथ हुई। अधिकारियों ने इस दौरान जावक पत्राचार रजिस्टरों में की गई प्रविष्टियों और आधिकारिक पत्रों के निपटान की बारीकी से जांच की। जिन कार्यों में देरी पाई गई, उनके कारणों की समीक्षा की गई और संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे सभी लंबित पत्राचारों का तत्काल निपटारा करें।
रिटायरमेंट लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष जोर
प्रशासन ने इस बैठक में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के हितों का विशेष ध्यान रखा। अधिकारियों ने स्पष्ट आदेश दिया कि रिटायर होने वाले कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति की वास्तविक तिथि पर ही एनपीएस (NPS) योगदान और ग्रुप इंश्योरेंस सहित सभी टर्मिनल लाभ मिल जाने चाहिए। इसके लिए निर्देश दिया गया है कि संबंधित कार्यालय रिटायरमेंट की तारीख से कम से कम छह महीने पहले ही सभी गणनाएं और तैयारियां पूरी कर लें, ताकि अंतिम समय में कोई परेशानी न हो।
इसके अलावा, बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
- कैश बुक अपडेट: जिन कार्यालयों की कैश बुक अपडेट नहीं है, उन्हें तुरंत अपडेट कर उसकी फोटोकॉपी रिपोर्ट के साथ जमा करने को कहा गया है।
- स्टाफ की कमी: जिन कार्यालयों में हेड क्लर्कों और परिचारकों की कमी है, वहां जरूरत के अनुसार प्रतिनियुक्ति (deputation) उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
- लॉगबुक रखरखाव: सभी हेड क्लर्कों को अपनी लॉगबुक अपडेट रखने और स्टाफ समायोजन से जुड़े मामलों की रिपोर्ट स्थापना शाखा को देने का निर्देश दिया गया।