बड़ी खबर: पूर्णिया में अब जमीन रजिस्ट्री होगी पूरी तरह पेपरलेस, जानें क्या बदला

बिहार के पूर्णिया जिले में अब जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह से पेपरलेस (कागज रहित) हो गई है। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 से इसे पूर्णिया, अमौर और बनमंखी में लागू कर दिया गया है।
मुख्य बातें:
- पूर्णिया, अमौर और बनमंखी में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू।
- आधार आधारित बायोमेट्रिक और e-KYC से होगा वेरिफिकेशन।
- रजिस्ट्री के बाद ईमेल या व्हाट्सएप पर मिलेंगे दस्तावेज।
- डिजिटल सिस्टम के विरोध में 'कातिबों' (दस्तावेज लेखकों) की हड़ताल।
डिजिटल सिस्टम की पूरी प्रक्रिया
धमदहा सब-रजिस्ट्रेशन ऑफिस में सफल शुरुआत के बाद अब इसे अन्य क्षेत्रों में लागू किया गया है। यह कदम निषेध, उत्पाद एवं पंजीकरण विभाग के सचिव नवीन कुमार के निर्देशानुसार बिहार के सभी 141 पंजीकरण कार्यालयों को 17 अगस्त 2026 तक डिजिटल करने की राज्यव्यापी पहल का हिस्सा है।
अब पुराने कागजी दस्तावेजों की जगह ऑनलाइन प्रक्रिया होगी, जिसमें डीड तैयार करना, डिजिटल स्टैम्प बनाना और भुगतान शामिल है। वेरिफिकेशन के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक स्कैन (फिंगरप्रिंट और आइरिस रिकग्निशन) और अनिवार्य e-KYC का उपयोग किया जाएगा। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद खरीदारों और विक्रेताओं को डिजिटल कॉपी ईमेल या व्हाट्सएप के जरिए भेजी जाएगी।
अधिकारियों का क्या कहना है
जिला पंजीकरण अधिकारी उमा शंकर मिश्रा ने बताया कि पेपरलेस सिस्टम से जमीन के रिकॉर्ड के रखरखाव, सत्यापन और प्रबंधन में आसानी होगी। इससे भौतिक फाइलों पर निर्भरता कम होगी और दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी। पूर्णिया सब-रजिस्ट्रार डॉ. हरि शंकर मिश्रा ने जोर दिया कि इस बदलाव का उद्देश्य संपत्ति के लेन-देन में अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा लाना है।
शुरुआती दिक्कतें और कातिबों की हड़ताल
जिला स्तर पर लागू होने के पहले दिन पूर्णिया और बनमंखी में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, जबकि अमौर में पहले से तय अपॉइंटमेंट के आधार पर 27 रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं। वहीं, 18 अगस्त 2026 से दस्तावेज लेखक (कातिब) हड़ताल पर चले गए हैं।
कातिबों ने डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने OTP के इस्तेमाल, भौतिक हस्ताक्षर की कमी और डिजिटल धोखाधड़ी के जोखिमों को लेकर चिंता जताई है। अधिकारी वर्तमान में स्थिति पर नजर रख रहे हैं क्योंकि इस हड़ताल का असर रजिस्ट्री की संख्या और राज्य के राजस्व पर पड़ रहा है।