पूर्णिया में बिना कागज वाली जमीन की रजिस्ट्री लगातार तेज हो रही है। स्थानीय हिंदुस्तान संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में केवल दो रजिस्ट्रेशंस प्रतिदिन हो रहे थे, लेकिन अब यह औसत बढ़कर 10 से 12 रजिस्ट्रेशंस प्रतिदिन हो गया है।
विभाग ने अगले दो से तीन हफ्तों में 30 से 35 पेपरलेस रजिस्ट्रेशंस प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, अगले एक से दो महीनों में यह संख्या 50 रजिस्ट्रेशंस प्रतिदिन से अधिक होने की उम्मीद है।
यह डिजिटल तरीका जमीन के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और ढूंढने में आसान बनाता है। पेपरलेस सिस्टम जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल बनाता है। इससे कागजी दस्तावेजों की जरूरत खत्म हो जाती है और रिकॉर्ड संभालना आसान हो जाता है। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ रही है, जनता इसे अपना रही है। लगातार ट्रेनिंग और अभ्यास से रजिस्ट्रेशन स्टाफ भी तकनीकी काम में तेज हो गया है। जिला सब-रजिस्टार उमाशंकर मिश्रा ने पुष्टि की है कि अब तक कुल 80 पेपरलेस जमीन रजिस्ट्रेशंस पूरे हो चुके हैं। मिश्रा ने बताया कि शुरुआत में स्टाफ और जनता को नई तकनीकी प्रक्रिया समझने में समय लगा था, लेकिन अब यह सभी के लिए काफी तेज और आसान हो गया है।