पूर्णिया SGFI एथलेटिक्स प्रतियोगिता: तीसरे दिन खिलाड़ियों का जलवा, मगध और पटना का दबदबा
पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित 70वीं SGFI राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के तीसरे दिन खिलाड़ियों ने दिखाया दम। देखें पूरी लिस्ट।

पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित 70वीं SGFI राज्य स्तरीय इंटर-डिवीजन एथलेटिक्स प्रतियोगिता अपने अंतिम पड़ाव पर है। बिहार सरकार के खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और पूर्णिया जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता के तीसरे दिन खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मैदान पर उतरे एथलीटों ने अपनी रफ्तार और ताकत से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं की सूची
प्रतियोगिता के तीसरे दिन अलग-अलग आयु वर्गों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। अंडर-17 लड़कों की लंबी कूद में मगध के आनंद कुमार ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि मुंगेर के गुलशन कुमार दूसरे और मगध के मानव कुमार तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, 5000 मीटर की दौड़ में एकलव्य टीम के धनु कुमार ने बाजी मारी, जबकि सारण के कृष्ण मिश्रा और दरभंगा के प्रियम राज क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
1500 मीटर की दौड़ में पटना के जितेंद्र कुमार ने पहला स्थान पाया, सारण के नीतीश कुमार दूसरे और भागलपुर के कौशल कुमार तीसरे स्थान पर रहे। डिस्कस थ्रो में मगध के अभिनव कुमार ने जीत दर्ज की, जबकि 4x100 मीटर रिले में पटना की टीम पहले स्थान पर रही।
अंडर-14 वर्ग की बात करें तो तिरहुत के आरव चौधरी ने शॉटपुट में पहला स्थान पाया, मगध के हरeram शर्मा दूसरे और पटना के प्रशांत कुमार तीसरे स्थान पर रहे। हाई जंप में एकलव्य टीम के आदित्य राज ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि पूर्णिया के विवेक राज तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं अंडर-19 वर्ग में 400 मीटर हर्डल रेस में तिरहुत के निराले बाबू पहले और पूर्णिया के नूर अख्तर तीसरे स्थान पर रहे। ट्रिपल जंप में पूर्णिया के मोनू कुमार ने पहला स्थान पाया। 110 मीटर हर्डल रेस में तिरहुत के शिवम कुमार पहले और पूर्णिया के नूर अख्तर तीसरे स्थान पर रहे। हाई जंप में मुंगेर के शाश्वत कुमार पहले और पूर्णिया के सत्यम कुमार तीसरे स्थान पर रहे। अंत में, 4x100 मीटर रिले में मगध की टीम विजयी रही।
पूरे आयोजन की निगरानी सीनियर डिप्टी कलेक्टर और जिला खेल अधिकारी रवि शंकर झा कर रहे थे। प्रतियोगिता को निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए तकनीकी अधिकारियों, मजिस्ट्रेटों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की तैनाती की गई थी, ताकि अनुशासन और कानून व्यवस्था बनी रहे।