भागलपुर में रफ्तार भरेगी ट्रेन, मई 2028 तक पूरे होंगे बड़े रेल प्रोजेक्ट

MyBhagalpur Team15 October 20262 min read0 viewsDevelopment and good news
भागलपुर में रफ्तार भरेगी ट्रेन, मई 2028 तक पूरे होंगे बड़े रेल प्रोजेक्ट

भागलपुर से जुड़े तीन बड़े रेल प्रोजेक्ट्स पर काम तेज हो गया है और इन्हें मई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन प्रोजेक्ट्स में भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन, दुमका-भागलपुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट और हंसडीहा व सैंथिया रेल बाइपास शामिल हैं। इस खबर से रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है और सफर आसान होगा।

  • भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन करीब 53 किलोमीटर लंबी है।
  • दुमका-भागलपुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट करीब 177 किलोमीटर लंबा है।
  • हंसडीहा और सैंथिया रेल बाइपास से यात्रियों का 30 से 60 मिनट समय बचेगा।
  • रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण के लिए संयुक्त निरीक्षण किया है।

भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन

भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन करीब 53 किलोमीटर लंबी है। इस प्रोजेक्ट के लिए 155.5984 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें मुंगेर जिले की 60.32 एकड़ जमीन शामिल है। बुधवार को रेलवे के उप मुख्य निर्माण इंजीनियर गोपाल पाठक, जिला भू-अर्जन अधिकारी पंकज गुप्ता, डीसीएलआर रविशंकर उरांव और निर्माण इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने के लिए निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जमालपुर और सुल्तानगंज के बीच डाउन लाइन पर दो घंटे का मेगा ब्लॉक लगाया गया था। 1,094 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली तीसरी लाइन मौजूदा लाइनों के दक्षिण में 6.1 मीटर की दूरी पर बिछाई जाएगी। पूरा होने पर ट्रेनों की गति 110 किमी/घंटा से बढ़कर 130 किमी/घंटा होने की उम्मीद है, जिससे पटना, किउल, भागलपुर और मालदा के बीच यात्रा करने वालों को फायदा होगा।
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हंसडीहा और सैंथिया रेल बाइपास

हंसडीहा और सैंथिया रेल बाइपास का उद्देश्य हंसडीहा स्टेशन पर भागलपुर, दुमका, गोड्डा और जसीडीह से आने वाली ट्रेनों के लिए समय लेने वाली इंजन रिवर्सिबल प्रक्रिया को खत्म करना है। इससे यात्रियों के 30 से 60 मिनट बचेंगे। सैंथिया बाइपास ट्रेनों को मुख्य जंक्शन में प्रवेश किए बिना अन्य रूटों पर जाने की अनुमति देगा, जिससे हावड़ा-साहिबगंज मेन लूप लाइन पर भीड़ कम होगी।

दुमका-भागलपुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट

दुमका-भागलपुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट करीब 177 किलोमीटर तक फैला है। यह भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रूट के जरिए बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ता है। 3,169 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट से मौजूदा सिंगल लाइन डबल लाइन में बदल जाएगी। इससे समय की पाबंदी में सुधार होगा और ट्रैफिक जाम कम होगा। यह रूट देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ और तारापीठ शक्तिपीठ सहित धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।

शुरुआती कार्य और प्राथमिकताएं

अतिक्रमण हटाने सहित शुरुआती काम पहली प्राथमिकता है। इसके बाद सभी तीन प्रोजेक्ट्स में सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन के काम को अपग्रेड किया जाएगा।

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