मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत भागलपुर जिला के सभी स्कूलों में 'सेफ सैटरडे' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को आपदा प्रबंधन, दुर्घटना से बचाव और मौसमी बीमारियों से सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। कजरा, लखीसराय से वैदेही शरण द्वारा रिपोर्ट किए गए इस अभियान में केवल किताबी ज्ञान के बजाय मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने पर जोर दिया जा रहा है।मानसून के मौसम और बारिश के खतरों जैसे नाव दुर्घटनाओं और डूबने से बचने के लिए छात्रों को नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों के पास सावधानी बरतने की सीख दी जा रही है। ट्रेनिंग में खुद को बचाने के तरीके और डूबने की स्थिति में दूसरों की मदद करने के सुरक्षा नियम शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और साफ-सफाई की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। छात्रों को साफ पीने का पानी पीने, हाथ धोने के सही तरीकों और लू व धूप से बचने की रणनीतियों के बारे में सिखाया जा रहा है। इसके अलावा एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) सहित मौसमी और गंभीर बीमारियों के लक्षणों, बचाव और समय पर इलाज की जरूरत के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
स्कूलों में आग लगने, बिजली का झटका लगने और भूकंप जैसी आपात स्थिति के लिए छात्रों को तैयार करने के वास्ते मॉक ड्रिल कराई जा रही है। छात्रों को आपदा के समय शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा आसपास के लोगों की मदद करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि ये 'सेफ सैटरडे' गतिविधियां आपात स्थिति में सही फैसला लेने की छात्रों की क्षमता को बढ़ाती हैं, जिससे वे अपने परिवार और समाज के लोगों के साथ जरूरी सुरक्षा ज्ञान साझा करने में सक्षम बनते हैं।