सहरसा में जलजमाव से हाल बेहाल, जानिए क्यों रुका है नाला निर्माण!

MyBhagalpur Team26 August 20262 min read60 viewsBihar
सहरसा में जलजमाव से हाल बेहाल, जानिए क्यों रुका है नाला निर्माण!

सहरसा में रिफ्यूजी कॉलोनी के पास बाइपास रोड पर जलजमाव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है और सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है।

  • बत्राहा, सराही, गांधी पथ, शिवपुरी और भेड़धारी जैसे मोहल्लों में पानी और कीचड़ भर गया है।
  • पॉलिटेक्निक रेलवे ढाला से तिवारी टोला चौक तक कई फीट पानी जमा है।
  • मौसम विभाग ने 29 अगस्त को बारिश की भविष्यवाणी की है।
  • ₹137.90 करोड़ की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना (फेज-2) पटना हाईकोर्ट के आदेश के कारण रुकी हुई है।

सड़कों और मोहल्लों में भरा पानी

सहरसा में रिफ्यूजी कॉलोनी के पास बाइपास रोड पर जलजमाव से स्थिति गंभीर बनी हुई है। यह समस्या कई दिनों से है और इससे सड़क की सतह काफी खराब हो गई है। जलजमाव केवल मुख्य सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई रिहायशी इलाकों तक फैल चुका है। बत्राहा, सराही, गांधी पथ, शिवपुरी और भेड़धारी जैसे मोहल्लों में गलियां पानी और कीचड़ से ढकी हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया है। 26 अगस्त 2026 तक स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। पॉलिटेक्निक रेलवे ढाला से तिवारी टोला चौक तक के हिस्से में पानी कई फीट तक जमा हुआ है।
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मौसम का हाल और बारिश की आशंका

इस क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलता रहा है। 26 अगस्त को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद धूप और बादलों का आना-जाना लगा रहा। मौसम विभाग ने 29 अगस्त को और अधिक बारिश का अनुमान जताया है, जिससे हालात के और ज्यादा बिगड़ने की चिंता बढ़ गई है।

प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल

सहरसा का यह लगातार बना हुआ जलजमाव संकट एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। जुलाई 2026 में विधान पार्षद (MLC) डॉ. अजय कुमार सिंह ने बिहार विधान परिषद में इस मामले को उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार ने शहर के कुछ हिस्सों में पर्याप्त जल निकासी बुनियादी ढांचे की भारी कमी को स्वीकार किया था। इसे ठीक करने के लिए, नगर निगम क्षेत्र के लिए ₹137.90 करोड़ की 'स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज स्कीम (फेज-2)' को मंजूरी दी गई थी। हालांकि, यह प्रोजेक्ट फिलहाल पटना हाईकोर्ट के आदेशों के कारण रुका हुआ है।

पहले के कार्यों पर सवाल

इस समस्या को हल करने के पिछले प्रयासों की भी जांच की गई है। नगर विकास और आवास विभाग (UDCO) द्वारा किए गए जल निकासी काम के पहले चरण की गुणवत्ता को लेकर विधान परिषद में चिंता जताई गई थी। इसके बाद इन कामों की प्रभावशीलता की जांच करने का आधिकारिक आश्वासन दिया गया था। इससे पहले अप्रैल 2026 में, शहर के मेयर और नगर आयुक्त ने जमीनी निरीक्षण किया था। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था में सुधार और नई सड़क निर्माण योजनाओं को तैयार करने के लिए एक अभियान शुरू किया था, हालांकि इन उपायों से अभी तक जलजमाव का यह संकट हल नहीं हुआ है।

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