बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ को लेकर की बड़ी समीक्षा बैठक

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त 2026 को पटना, बेगूसराय, भागलपुर, कटिहार, नौगछिया और खगड़िया जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने भागलपुर एयरपोर्ट पर एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे और जल संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, जल स्तर और चल रहे राहत और बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। यह कदम बिहार द्वारा बढ़ते जल स्तर को कम करने के लिए फरक्का बैराज के गेट खोलने के अनुरोध के बाद उठाया गया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बीच 23 अगस्त 2026 को हुई बातचीत के बाद 24 घंटे के भीतर यह काम पूरा कर लिया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गेट खुलने के बाद पानी का दबाव कम होने लगा है, जिससे स्थिति में तेजी से सुधार होने की उम्मीद जगी है। इन प्रयासों के बावजूद स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। भागलपुर के खरीक प्रखंड के नौगछिया में काजी-कोरेइया-राघोपुर तटबंध में 23 अगस्त की रात से 24 अगस्त की सुबह के बीच लगभग 30 मीटर का कटान हो गया, जिससे पानी तेजी से अंदर घुसने लगा। जल विज्ञान के आंकड़ों से पता चलता है कि गंगा नदी कहलगांव में खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर और सुल्तानगंज में खतरे के स्तर से 1.17 मीटर ऊपर बह रही है। वर्तमान में जल स्तर लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के निजी आवास तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने क्षतिग्रस्त तटबंधों की तुरंत मरम्मत करने, संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने और आपातकालीन निकासी के लिए पूरी तरह तैयार रहने के सीधे निर्देश दिए। अधिकारी प्रभावित गांवों में लाउडस्पीकर का उपयोग करके लोगों को चेतावनी दे रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने में मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को जल स्तर में उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखने और तालमेल बनाए रखने का आदेश दिया है।