भागलपुर के महद्दीपुर, बंडेहरा स्थित सरस्वती विद्या निकetan (आदर्श विद्यालय) में शनिवार को एक अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को निखारना, बच्चों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना और स्कूल तथा अभिभावकों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना था। खगड़िया से कुणाल कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्यक्रम बिहार की गौरवशाली परंपराएं विषय पर केंद्रित था।
संगोष्ठी के दौरान छात्रों की रचनात्मक प्रतिभा और उत्साह को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य गौतम कुमार ने की।
इस संगोष्ठी की एक मुख्य विशेषता छात्रों द्वारा तैयार की गई विभिन्न हस्तनिर्मित कलाकृतियों और मॉडलों की प्रदर्शनी थी। इन कलाकृतियों ने छात्रों की रचनात्मकता, कल्पना और बिहार की विरासत की समझ को प्रदर्शित किया, जिसे अभिभावकों और उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य गौतम कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल और परिवार के बीच मजबूत तालमेल होना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब शिक्षक और अभिभावक शिक्षा, नैतिकता और चरित्र निर्माण पर मिलकर काम करते हैं, तभी उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जाती है। संगोष्ठी के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों के बीच छात्रों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, आधुनिक शिक्षण विधियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अभिभावकों ने स्कूल की इस पहल की सराहना की और अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने तथा नैतिक मूल्य विकसित करने में अपना पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन छात्रों के भविष्य की सफलता के लिए शुभकामनाओं के साथ हुआ।