भागलपुर क्षेत्र में सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बही

भागलपुर क्षेत्र में लगातार पांचवें दिन सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यह तुर्तीपार गेट पर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटों में जलस्तर और बढ़ने की भविष्यवाणी की है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने से तटीय इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
- सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बही
- केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर बढ़ने की जताई आशंका
- भागलपुर समेत कई गांवों पर बाढ़ का मंडराया खतरा
- प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को किया सक्रिय
गांवों पर बाढ़ का खतरा
बढ़ते जलस्तर से भागलपुर, बलिया, दियोसिया, छित्तुपूर, नरियांव, मेल, बकुची, तेलिया कला और तेलियाशुक्ल समेत कई गांवों के लिए बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है। आसन्न खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े
तुर्तीपार में केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, आज शाम 4:00 बजे नदी का जलस्तर 64.51 मीटर दर्ज किया गया, जो 64.01 मीटर के खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर है। इसकी तुलना में, गुरुवार को शाम 4:00 बजे जलस्तर 64.42 मीटर दर्ज किया गया था, जो पिछले 24 घंटों में 9 सेंटीमीटर की वृद्धि को दर्शाता है। नदी वर्तमान में 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है।
प्रशासन की तैयारी
बरहज के उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) शशिकांत मणि ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। तहसील के कर्मचारियों को इन चौकियों पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।