बिहार में बाढ़ का खतरा तेज, सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है और सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
* मंगलवार दोपहर 4:00 बजे Turtipar गेज पर सरयू नदी का जलस्तर 64.63 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर है।
* पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और ऊपरी बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले 24 घंटों में जलस्तर के और बढ़ने की उम्मीद है।
* बाढ़ का पानी ऊपरी इलाकों में आने लगा है, जिससे स्थानीय अधिकारियों में हाई अलर्ट है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
खतरे को देखते हुए, बाढ़ डिवीजन के सहायक अभियंता विवेक कुमार ने सोमवार को चित्तपुर और दियोसिया बांधों का देर रात निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी कर्मियों को पानी के स्तर और बांधों की बनावट पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में हाई अलर्ट बना हुआ है।
भागलपुर में बाढ़ की स्थिति
यह स्थानीय बाढ़ भागलपुर के व्यापक संकट का हिस्सा है, जहां 8 सितंबर को सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 को बने 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से अधिक है। भागलपुर के 10 ब्लॉकों की 56 पंचायतें इससे प्रभावित हुई हैं, जिससे 2.17 लाख से अधिक लोग और 53,000 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं, और 22,035 लोगों को पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है।
राहत और बचाव कार्य
बचाव कार्यों के लिए 71 नावें लगाई गई हैं, जबकि 15 सामुदायिक रसोई 106,000 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही हैं। बिहार भर में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, 13 से 14 जिले प्रभावित हैं और कोसी, गंडक और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।