पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तुरतीपार गेज पर नदी खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
- तुरतीपार गेज पर नदी खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
- बढ़ता जलस्तर तटबंधों पर दबाव बना रहा है।
- मईल क्षेत्र में बाढ़ का पानी देवरहा बाबा आश्रम जाने वाली सड़क पर भर गया है।
- केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार अगले 24 घंटों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
- तटीय इलाकों के लोगों में चिंता बढ़ रही है।
जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव पड़ रहा है। मईल क्षेत्र में बाढ़ का पानी देवरहा बाबा आश्रम जाने वाली सड़क पर भर गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, अगले 24 घंटों में पानी का स्तर और बढ़ने का अनुमान है। तटीय इलाकों में नदी का पानी घुसने से वहां रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ रही है और आने वाले दिनों में गंभीर बाढ़ आने की आशंका है।
CWC तुरतीपार ने आज शाम 4:00 बजे नदी का जलस्तर 64.44 मीटर दर्ज किया। निर्धारित खतरा निशान 64.01 मीटर पर है। शुक्रवार को दोपहर 4:00 बजे जलस्तर 64.34 मीटर दर्ज किया गया था, जो पिछले 24 घंटों में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि को दिखाता है। CWC तुरतीपार के कनिष्ठ अभियंता स्वप्निल प्रजापति ने बताया कि यह वृद्धि पहाड़ों और मैदानों में हो रही लगातार बारिश के कारण है और जलस्तर बढ़ने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।