बिहार में बाढ़ का कहर, जानिए आपके इलाके का हाल

MyBhagalpur Team8 September 20263 min read30 viewsBihar
बिहार में बाढ़ का कहर, जानिए आपके इलाके का हाल

बिहार में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस खबर में जानिए बाढ़ से जुड़ी मुख्य बातें:

- पटना में पानी स्थिर होने के बावजूद हथदह से भागलपुर तक बाढ़ का कहर जारी है।

- सुल्तानगंज में गंगा नदी पांच साल के उच्चतम जलस्तर को पार कर चुकी है।

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- नेशनल हाईवे-80 और मुंगेर-भागलपुर चार लेन हाईवे पर पानी बह रहा है।

- कई ट्रेनें रद्द की गई हैं और कई के रूट बदले गए हैं।

- भागलपुर के शहरी इलाकों और यूनिवर्सिटी परिसर में पानी घुस गया है।

गंगा नदी का जलस्तर और बाढ़ की स्थिति

पटना में भले ही जलस्तर स्थिर हुआ है, लेकिन हथदह से भागलपुर तक गंभीर बाढ़ बनी हुई है। सुल्तानगंज में गंगा नदी ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रात 9:00 बजे जलस्तर 36.77 मीटर तक पहुंच गया, जो साल 2021 के 36.75 मीटर के रिकॉर्ड से ज्यादा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधी घाट पर गंगा 50.57 मीटर पर है जो 10 साल के उच्चतम स्तर से 0.05 मीटर ऊपर है, हालांकि पिछले 24 घंटे में 16 सेमी की गिरावट आई है। कहलगांव में नदी खतरे के निशान से 1.60 मीटर ऊपर बह रही है।

सड़क और रेल यातायात पर असर

भवनाथपुर में नेशनल हाईवे-80 पर लगभग ढाई फीट पानी बह रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भागलपुर और सुल्तानगंज के बीच सभी गाड़ियों और पैदल चलने वालों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और बैरिकेडिंग कर दी है। इसके अलावा, मुंगेर-भागलपुर निर्माणाधीन चार लेन हाईवे के कुछ हिस्सों में भी पानी घुस गया है। रेल सेवाओं पर भी इसका भारी असर पड़ा है। पटना-गया रूट पर 8 सितंबर के लिए 10 मेमू ट्रेनें (63242, 63258, 63245, 63396, 63248, 63243, 63259, 63393, 63250 और 63253) रद्द कर दी गई हैं। ये कैंसिलेशन सुरक्षा कारणों से इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 4 सितंबर की रात से ब्रिज नंबर 21 (किमी 11/38-32) पर ट्रेन सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद हुए हैं।

ट्रेनों के बदले गए रूट

यात्रियों की सुविधा के लिए आठ ट्रेनों के मार्ग बदलकर उन्हें दूसरे रास्तों से चलाया जा रहा है। इनमें 18625 कोसी-बरौनी-हटिया एक्सप्रेस, 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस, 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस, 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस, 15137 रांची-दुर्गा एक्सप्रेस, 15138 बरौनी-रांची एक्सप्रेस, 63390 एनडब्ल्यूडी-पटना मेमू, 63389 पटना-एनडब्ल्यूडी मेमू, 63391 इस्लामपुर-पटना मेमू और 63392 पटना-इस्लामपुर मेमू शामिल हैं। जब तक पानी कम नहीं होता और पुल की सुरक्षा की पुष्टि नहीं होती, सामान्य परिचालन शुरू नहीं होगा। साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर रेल खंड पर भी बढ़ते बाढ़ के पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

भागलपुर और अन्य जिलों का हाल

बाढ़ का पानी तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी कैंपस समेत भागलपुर के शहरी इलाकों में घुस गया है, जहां अब नावें चलाई जा रही हैं और दफ्तरों के कमरों में पानी भर गया है। इसके अलावा कई अन्य नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डूमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हथदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली तथा गंगपुर में घाघरा नदी शामिल हैं। पटना जिले में पुनपुन नदी के कारण बढ़ियाकोल तटबंध में 10 फीट का टूटन हो गया है और नौबतपुर के छह गांवों में तटबंधों के ऊपर से पानी बह रहा है।

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