भागलपुर के गोराडीह में बाढ़ का कहर, जानिए कैसे बने हालात

भागलपुर के गोराडीह ब्लॉक में बाढ़ की स्थिति बुधवार, 9 सितंबर 2026 को बहुत गंभीर हो गई है और बढ़ता पानी नए इलाकों में फैल रहा है। भागलपुर-गोराडीह मुख्य सड़क पर जामसी के पास पानी करीब तीन फीट तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी इसी गति से बढ़ता रहा, तो गुरुवार, 10 सितंबर तक सड़क पर यातायात बंद हो सकता है, जिससे ब्लॉक का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा। बारहारी मोड़ और विरनौधा चौक के पास सड़कों पर पानी आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
योगिया, बाघमारा, गोहरियो, मोहनपुर, छोटी मोहनपुर और गनौरा गांवों में भारी बाढ़ की सूचना है। योगिया गांव पूरी तरह डूब गया है और एक टापू बन गया है, जहां के निवासी नावों का उपयोग करने को मजबूर हैं और कई परिवार छतों या स्कूलों में शरण लिए हुए हैं। गोराडीह ब्लॉक के लगभग दो दर्जन गांव पानी के नीचे हैं, जिससे हजारों निवासी प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के पानी के कारण कई सरकारी स्कूल भी बंद करने पड़े हैं।
मंत्री और अधिकारियों का दौरा
बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने 9 सितंबर को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सूखा राशन, पॉलीथिन शीट, नाव और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह 7 सितंबर को गोराडीह ब्लॉक सभागार में हुई 'बीस सूत्री' समिति की बैठक के बाद हुआ, जहां सदस्यों ने हर गांव में बाढ़ राहत शिविर स्थापित करने की मांग की थी। इससे पहले 6 सितंबर को, अंचल अधिकारी कुमार शिवम और थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था, और अधिकारी ने बताया कि 7 सितंबर को नाव सेवाएं शुरू कर दी गईं।
गंगा नदी का जलस्तर और प्रशासनिक तैयारी
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के 6 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर में गंगा नदी 34.31 मीटर के जलस्तर पर पहुंच गई, जो 33.68 मीटर के खतरे के निशान से 63 सेंटीमीटर ऊपर है। यह स्तर अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर 34.86 मीटर से सिर्फ 55 सेंटीमीटर नीचे है। जल संसाधन विभाग ने नदी के बदलते प्रवाह को प्रबंधित करने के लिए चार दशकों के डेटा पर आधारित गणितीय मॉडलिंग का उपयोग करने की योजना की घोषणा की है। हालांकि जिला प्रशासन ने भोजन, चिकित्सा सहायता और पशु देखभाल प्रदान करने वाले राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में पीने के पानी, बिजली और चिकित्सा सुविधाओं की कमी की खबरें लगातार आ रही हैं।