सुपौल में भारत-नेपाल सीमा के पास एसएसबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 510 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह कार्रवाई बुधवार को फतेहपुर गांव के एक बाग में की गई। गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई थी।
बुधवार को एसएसबी की 45वीं बटालियन वीरपुर के जवानों ने फतेहपुर गांव के एक बाग में छिपे गांजा को बरामद किया। यह प्रतिबंधित सामान 13 बंडलों में पैक किया गया था, हालांकि मौके पर कोई संदिग्ध पकड़ा नहीं गया। सीमा स्तंभ संख्या 204 के पास भारतीय क्षेत्र में लगभग 700 मीटर अंदर एक खेप होने की खुफिया जानकारी पर फतेहपुर सीमा चौकी के सैनिकों ने तलाशी ली। कानूनी प्रक्रियाओं के बाद, जब्त गांजा वीरपुर थाने को सौंप दिया गया। इस अभियान में सहायक उप-निरीक्षक भूपेंद्र सिंह और तीन अन्य कर्मी शामिल थे। कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश शर्मा ने कहा कि सीमा पर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयास जारी रहेंगे।
यह जब्ती जून और अक्टूबर के बीच सीमा क्षेत्र में हुई बरामदगी की श्रृंखला का हिस्सा है। पिछली घटनाओं में 6 जून को नेपाली रजिस्टर्ड पिकअप से 1,733 किलोग्राम गांजा, 31 जुलाई को खोंथा में 386 किलोग्राम, 4 अगस्त को सतना बीओपी क्षेत्र में 31 किलोग्राम, 17 अगस्त को सीमा स्तंभ 204/1 के पास 28.40 किलोग्राम और 22 अगस्त को पास ही 303.900 किलोग्राम गांजा शामिल है। इसके अलावा, उसी बुधवार को भीमपुर थाना क्षेत्र के तहत लालपुर वार्ड 12 में धान के खेत से 39 किलोग्राम गांजा जैसा पदार्थ मिला।
एसएसबी की नियमित गश्त, ड्रोन निगरानी और बिहार पुलिस के साथ संयुक्त गश्त जैसे सुरक्षा उपायों के बावजूद, इन बड़ी खेपों के लगातार मिलने से तस्करी नेटवर्क को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि नोमैंस लैंड के पास ग्रामीण रास्तों को खाइयों से बंद कर दिया गया है, लेकिन तस्करों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रास्ते जांच का विषय बने हुए हैं। एसएसबी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में लगभग 3,216 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। सुरक्षा बलों के लिए अब चुनौती केवल जब्ती से आगे बढ़कर तस्करी नेटवर्क के पीछे के स्रोतों और व्यक्तियों की पहचान करना है।