बड़ी खुशखबरी: सीमावर्ती महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा SSB, शुरू हुआ 21 दिनों का सिलाई ट्रेनिंग कैंप

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 12वीं बटालियन, किशनगंज ने मंगलवार को माल्टोली के वाइब्रेंट विलेज में सिलाई प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की है। यह पहल बल के नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की युवा महिलाओं को कौशल विकास प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्य बातें:
- सिलाई प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत माल्टोली में हुई।
- यह कार्यक्रम देशबंधु इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग, सिलीगुड़ी के सहयोग से चलाया जा रहा है।
- ट्रेनिंग कैंप की अवधि कुल 21 दिनों की होगी।
- इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के अवसर देना है।
इन दिग्गजों ने किया उद्घाटन
इस प्रशिक्षण शिविर का संयुक्त उद्घाटन डिप्टी कमांडेंट স্বপन रजक, दिघलबंक ग्राम प्रधान पूनम देवी और हेडमास्टर कौरव कुमार दास ने पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस मौके पर असिस्टेंट कमांडेंट शिव राम कृष्णन और मनोज कुमार के साथ SSB के जवान और आसपास के गांवों की महिलाएं मौजूद थीं।
सीखेंगी सिलाई और कटिंग के गुर
सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी कमांडेंट স্বপन रजक ने बताया कि प्रतिभागियों को सिलाई और कटिंग के बुनियादी कौशल सिखाए जाएंगे। इससे उन्हें व्यावसायिक विशेषज्ञता विकसित करने, रोजगार के अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि SSB नागरिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी पहल स्थानीय निवासियों को नौकरी उन्मुख कौशल से लैस करने के लिए डिजाइन की गई हैं ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।