सुल्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल प्रबंधक रमन कुमार सिंह और नेत्र सहायक ऋषि भूषण के बीच हुए विवाद की जांच स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। सिविल सर्जन के निर्देश पर गुरुवार को जांच टीम अस्पताल पहुंची।
- सिविल सर्जन के निर्देश पर जांच टीम अस्पताल पहुंची।
- जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी और डीपीएम ने की जांच।
- सोशल मीडिया पर वायरल विवाद और कार्यशैली की हो रही जांच।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. धनंजय कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणी भूषण झा की जांच टीम ने अस्पताल प्रभारी डॉ. कुंदन भाई पटेल की मौजूदगी में जांच की। अधिकारियों ने रमन कुमार सिंह और ऋषि भूषण से अलग-अलग कई घंटों तक पूछताछ की। टीम ने विवाद के कारण, कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों की जानकारी जुटाई। टीम ने दोनों पक्षों के औपचारिक बयान दर्ज किए और अस्पताल प्रभारी से जरूरी दस्तावेज लिए।
डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया विवाद से स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब होने के कारण जांच शुरू की गई है। इन बयानों के आधार पर रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की पूरी जांच की जा रही है।
डीपीएम मणी भूषण झा ने स्पष्ट किया कि ऋषि भूषण नेत्र सहायक हैं और चिकित्सक नहीं हैं। अस्पताल प्रभारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने कहा कि अस्पताल में अनुशासन और कामकाज चलाना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि नेत्र सहायक खुद को डॉक्टर बता रहे थे।