सुपौल इंजीनियरिंग कॉलेज में 'आरुण्य-2026' प्रोग्राम शुरू, नए छात्रों को सिखाए करियर के जरूरी गुर

सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में नए छात्रों के लिए तीन हफ्ते का 'स्टूडेंट इंडक्शन-कम-फाउंडेशन प्रोग्राम' आरुण्य-2026 आयोजित किया गया है। सोमवार को इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए डिजाइन थिंकिंग, प्रोग्रामिंग, कम्युनिकेशन स्किल्स और बेसिक गणित पर खास सत्र रखे गए। विशेषज्ञों ने छात्रों को तकनीकी दक्षता और तार्किक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
पहले सत्र में डॉ. आदित्य कुमार मिश्रा ने डिजाइन थिंकिंग के जरिए समस्याओं को सुलझाने और रचनात्मक सोच के बारे में बताया। इसके बाद सुनील कुमार सुमन और गौरव कुमार ने प्रोग्रामिंग की बेसिक बातों, एल्गोरिदम और लॉजिकल एनालिसिस की जानकारी दी। दोपहर के सत्र में डॉ. जय कुमार ने इंजीनियरों के लिए प्रभावी बातचीत, प्रेजेंटेशन, ग्रुप डिस्कशन और प्रोफेशनल व्यवहार के महत्व को समझाया। अंतिम सत्र में डॉ. आदित्य कुमार मिश्रा ने इंजीनियरिंग में गणित की उपयोगिता और नियमित अभ्यास की जरूरत पर चर्चा की।
डीन अकादमिक डॉ. चन्दन कुमार ने बताया कि आरुण्य-2026 का मकसद छात्रों में नवाचारी सोच और तकनीकी कौशल विकसित करना है। इससे पहले 2 अगस्त को छात्रों ने 'नशा मुक्त युवा' और 'विकसित भारत संकल्प अभियान' पर प्रधानमंत्री के संबोधन का ऑनलाइन प्रसारण देखा। साथ ही इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक हिमांशु रंजन ने करियर के अवसरों और नेतृत्व पर बात की, जबकि भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के सहायक प्राध्यापक शशांक शेखर ने पर्सनालिटी डेवलपमेंट और प्रभावी संचार पर मार्गदर्शन दिया।
इस पूरे कार्यक्रम में कॉलेज के प्रोफेसरों और बड़ी संख्या में नए छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने संवादात्मक सत्रों के दौरान विशेषज्ञों से सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया।