भागलपुर में हजारों दमा मरीजों को मिली मुफ्त आयुर्वेदिक दवा

रविवार को शरद पूर्णिमा के मौके पर भागलपुर के श्री अग्रसेन भवन में दमा के मरीजों के लिए आयुर्वेदिक दवा का मुफ्त वितरण किया गया। इस शिविर में बिहार और झारखंड के अलग-अलग इलाकों से हजारों मरीज इलाज पाने के लिए पहुंचे। भागलपुर में यह परंपरा 1960 से लगातार चली आ रही है।
- बिहार और झारखंड से पहुंचे हजारों मरीज
- 1960 से चली आ रही है यह परंपरा
- बिना किसी मुनाफे के हो रहा है मानवीय सेवा कार्य
विशेष तरीके से तैयार होती है दवा
पर्यावरणविद् अरविंद मिश्रा, नंद किशोर पोद्दार और प्रदीप कुमार पोद्दार इस पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह मानवीय सेवा बिना किसी लाभ के उद्देश्य या लालच के की जाती है। यह दवा चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत के जंगलों से लाई गई जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके तैयार की जाती है।
चांदनी रात में रखी जाती है खीर
इस दवा को शुगर-फ्री खीर में मिलाकर दिया जाता है। खीर को मिट्टी के बर्तनों में तैयार किया जाता है। परंपरा के अनुसार, इस दवा को रात भर चांदनी में रखा जाता है और अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में खाया जाता है। इस आयोजन को सफल बनाने में प्रदीप कुमार पोद्दार, अक्षत पोद्दार, डॉ. सुनील अग्रवाल, जय नंदन मंडल, अमर धानधनिया और अरुण झुनझुनवाला समेत कई लोग मौजूद रहे।