टीएमबीयू में एमएड रिजल्ट में गड़बड़ी पर हंगामा, छात्रों ने किया घेराव

MyBhagalpur Team29 September 20262 min read4 viewsBihar
टीएमबीयू में एमएड रिजल्ट में गड़बड़ी पर हंगामा, छात्रों ने किया घेराव

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में मंगलवार को उस समय भारी गहमागहमी का माहौल बन गया, जब विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एमएड सत्र 2025-27 और 2026-28 के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी को लेकर परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर विनोद कुमार ओझा का घेराव कर दिया। आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नतीजों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

  • एमएड सत्र 2025-27 और 2026-28 के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप
  • परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा का किया गया घेराव
  • परीक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
  • परिणामों की उच्चस्तरीय जांच और री-चेकिंग की मांग

परिणामों में विसंगतियों का आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए एमएड प्रवेश परीक्षा के परिणामों में भारी विसंगतियां हैं। छात्र संगठनों ने शिकायत की है कि दोनों सत्रों के टॉपरों के नाम, प्राप्तांक और जन्म तिथि में अजीब समानताएं देखने को मिल रही हैं, जो सीधे तौर पर परीक्षा प्रक्रिया और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। छात्रों ने कहा कि रिजल्ट को लेकर विश्वविद्यालय का रवैया लापरवाही भरा है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।

परीक्षा नियंत्रक का घेराव और प्रमुख मांगें

उग्र प्रदर्शन के कारण परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा अपने ही कार्यालय में घंटों तक घिरे रहे। छात्र संगठनों ने उनके समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें एमएड प्रवेश परीक्षा के दोनों सत्रों के परिणामों की तत्काल प्रभाव से री-चेकिंग और जांच कराई जाए, त्रुटिपूर्ण परिणाम जारी करने के जिम्मेदार तकनीकी सेल या अधिकारियों पर कार्रवाई हो और आगामी नामांकन प्रक्रिया को तब तक पारदर्शिता के साथ रोका जाए जब तक संशय दूर न हो जाए शामिल हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का आश्वासन

हंगामे की सूचना पाकर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। छात्र संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच परीक्षा नियंत्रक और कुलसचिव ने छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने छात्रों को आश्वस्त किया कि टॉपरों के डेटा और रिजल्ट की सत्यता की पूरी बारीकी से जांच की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन से मिले इस ठोस आश्वासन और जांच के वादे के बाद छात्र संगठनों ने अपना घेराव समाप्त किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि परिणाम में धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment