बिहार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और इससे बाढ़ का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय यानी TMBU को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। रिपोर्टर बलराम मिश्रा के प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने निचले फ्लोर पर स्थित सभी परीक्षा विभाग शाखाओं के अधिकारियों को जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से ऊपर के स्थानों पर पहुंचाने का आदेश दिया है।
2 सितंबर 2026 तक गंगा नदी बिहार में दस जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी, जिससे भागलपुर पर बहुत बुरा असर पड़ा है। तेज नदी के कटाव से काफी नुकसान हुआ है, जिसमें राघोपुर में 350 मीटर से ज्यादा तटबंध का बह जाना और मां चैती दुर्गा मंदिर और बाबा बजरंगबली मंदिर जैसे स्थानीय धार्मिक स्थलों का डूब जाना शामिल है। नवगछिया ब्लॉक में तेज कटाव के कारण एक पुराना दुर्गा मंदिर, एक हनुमान मंदिर और लगभग 500 मीटर जमींदारी तटबंध भी तबाह हो गया है।
कोसी नदी के बाढ़ का पानी आने से मदराउनी गांव में 700 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं और 1,500 से अधिक घरों तथा हजारों एकड़ फसलों में पानी भर गया है। लोग छतों और रेलवे ट्रैक पर शरण लिए हुए हैं, और रेलवे ट्रैक पर भी लगातार कटाव का खतरा बना हुआ है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 2 सितंबर को बताया कि स्थिति खतरनाक है लेकिन नियंत्रण में है। जल संसाधन विभाग की टीमें, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान युद्धस्तर पर बचाव कार्य और कटाव रोकने का काम कर रहे हैं। 3 सितंबर के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पानी का स्तर बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है और पूरे दिन भारी आंधी-तूफान और बारिश की 60 से 75 प्रतिशत संभावना है।