भागलपुर में तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी गांधी विचार विभाग के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग के सभागार में गुरुवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भव्य शुभारंभ हुआ।
- महात्मा गांधी की जयंती सह स्थापना दिवस पर हो रहा आयोजन
- ज्ञान, कौशल और परंपरा: गांधी-दृष्टि का समकालीन परिप्रेक्ष्य विषय
- देश-विदेश से आए विद्वान और शोधार्थी ले रहे हैं हिस्सा
तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी गांधी विचार विभाग के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग के सभागार में गुरुवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भव्य शुभारंभ हुआ। यह सेमिनार महात्मा गांधी की जयंती सह विभाग के स्थापना दिवस के अवसर पर ज्ञान, कौशल और परंपरा: गांधी-दृष्टि का समकालीन परिप्रेक्ष्य विषय पर आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. कृष्ण कुमार सिंह ने कहा, गांधी जी सिर्फ कहने वाले नहीं, बल्कि करने वाले महापुरुष थे। यदि किसी को एक तोला सोना और एक तोला आचरण में से चुनना हो, तो गांधी जी हमेशा आचरण को तरजीह देते। उन्होंने आगे कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था हमारी कुशलता को तो बढ़ाती है, लेकिन इसके साथ ही मूल्यों और राष्ट्र की परंपराओं को सहेजना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर का विशेष संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। समारोह की अध्यक्षता कर रहीं कार्यकारी कुलपति प्रो. रंजना दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि समकालीन दौर में अगर वैश्विक संकटों और अशांति से निपटना है, तो हमें राष्ट्र की मूल परंपराओं, संस्कृति और गांधीवादी जीवन मूल्यों पर विशेष ध्यान देना होगा।
उद्घाटन सत्र की समाप्ति के बाद विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग में दो प्रमुख तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में देश-विदेश से आए कई विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। तकनीकी सत्रों में वर्तमान शिक्षा प्रणाली की खामियों और गांधीवादी मॉडल के आधार पर उसमें सुधार की जरूरतों पर गंभीर मंथन किया गया। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में गांधीवादी विचारधारा के कई बड़े चेहरे और शिक्षाविद शामिल हो रहे है। जिनमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रंजना दुबे, प्रमुख वक्ता और अतिथि के रूप में प्रो. हितेंद्र पटेल, प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. सुप्रिया पाठक और वरिष्ठ गांधीवादी विचारक पी.वी. राजगोपाल सहित नेपाल और देश के अन्य हिस्सों से आए विशेषज्ञ, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मनोज मीता, डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल, डॉ. संजय कुमार रजक, डॉ. गौतम कुमार, डॉ. मनोज कुमार दास, डॉ. सीमा कुमारी, डॉ. देशराज वर्मा तथा शोधार्थी गौरव कुमार सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे।