TMBU में दो साल से सीनेट बैठक नहीं, शोध और पेटेंट का डेटा गायब

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में पिछले दो साल से सीनेट की बैठक नहीं हुई है। पिछली बैठक पूर्व कुलपति जवाहर लाल के कार्यकाल में हुई थी। इसके कारण विश्वविद्यालय के पास स्नातकोत्तर विभागों, शोध केंद्रों और अंगीभूत कॉलेजों में शुरू हुए नए शोध प्रोजेक्ट्स का कोई रिकॉर्ड नहीं है। कुछ विभागों और कॉलेजों ने अपने स्तर पर फंडिंग एजेंसियों को प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय इन गतिविधियों का डेटा तैयार करने में असफल रहा है, जिससे आधिकारिक शोध और पेटेंट रिकॉर्ड में प्रगति नगण्य है। टीएनबी कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, बीएन कॉलेज और सबौर कॉलेज जैसे विशिष्ट कॉलेजों ने शोध प्रस्ताव जमा किए हैं। बीएन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने पुष्टि की है कि हाल ही में चार शोध प्रस्ताव फंडिंग एजेंसियों को भेजे गए। टीएनबी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. दीपो महतो ने बताया कि चार शिक्षक और शोधकर्ता बिहार और पूर्वी भारत में कृषि संकट, प्रवासी पुनर्वास, महिला स्वयं सहायता समूह, और मानव अधिकार व क्षेत्रीय अर्थशास्त्र पर डॉक्टरल व पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। अन्य शोध क्षेत्रों में गंगा तटीय क्षेत्र के औषधीय पौधों का फाइटोकेमिकल विश्लेषण, टसर रेशमकीट का आनुवंशिक सुधार, और नैनोपार्टिकल निर्माण के लिए ग्रीन सिंथेसिस तकनीक शामिल हैं।