तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) में शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन मिलने में हुई बड़ी देरी पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। TMBU के रजिस्ट्रार प्रो. रामाशिश पूर्वे ने कर्मचारी सरवानंद प्रसाद को एक औपचारिक शो-कॉज नोटिस जारी किया है।
- वेतन बांटने के काम में गंभीर देरी
- कर्मचारी की बिना बताए अनुपस्थिति और नियमों का पालन न करना
- 27 अगस्त 2026 को सामने आया पूरा मामला
य यूनिवर्सिटी में वित्तीय गड़बड़ियों को दूर करने के लिए बड़े प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
365 कर्मचारियों की फाइलों की जांच के लिए नौ सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी पहले बनी कमेटी को बेहतर बनाकर फिर से तैयार की गई है। यह कदम 21 अगस्त 2026 को हुई ऑनलाइन सिंडिकेट बैठक के आदेशों के बाद उठाया गया है।
इस जांच कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि वित्तीय गड़बड़ी में शामिल किसी भी दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक अन्य मामले में, बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने TMBU के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के तीन पदों की प्रशासनिक मंजूरी और कर्मचारियों के वेतन नियमितीकरण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
य यूनिवर्सिटी ने यह प्रस्ताव मूल रूप से 2012-13 के शैक्षणिक सत्र में भेजा था। शिक्षा विभाग ने इन प्रस्तावों को बेबुनियाद और नियमों के खिलाफ बताते हुए खारिज कर दिया है।
यह फैसला पटना हाईकोर्ट द्वारा 20 जुलाई 2026 को दिए गए आदेशों की गहन समीक्षा के बाद लिया गया है।