बिहार के महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का काम शुरू होने जा रहा है। 30 सितंबर 2026 की रात बारह बजे से इस पुल पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। यह बंदी लगभग तीन महीने तक रहेगी, जिससे उत्तर और पूर्व बिहार का सीधा संपर्क टूट जाएगा।
1 अक्टूबर 2026 से बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन यानी बीआरओ की 80 सदस्यों की टीम पुराना बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू करेगी। इस मरम्मत प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 99 करोड़ रुपये है। इसमें नए मजबूत स्टील गर्डर और कंक्रीट स्लैब लगाए जाएंगे। इसके अलावा पुल के सभी बियरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे ताकि कमजोरी दूर हो सके।
इंजीनियरों को अंदरूनी हिस्सों में एलीगेटर क्रैकिंग यानी दरारें मिली हैं, जिससे नींव कमजोर होने का खतरा है। अभी मजदूर स्लैब की दरारें भरने के लिए खास नोजल इंजेक्शन तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस प्रोजेक्ट का ठेका एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है, जिसकी देखरेख बिहार राज्य पुल निर्माण निगम कर रहा है। गुवाहाटी और पटना से विशेषज्ञ तथा भारी क्रेनें मौके पर पहुंच चुकी हैं। काम के दौरान आईआईटी पटना तकनीकी मदद देगा। 28 सितंबर 2026 को अधिकारियों ने पुष्टि की कि तैयारी के तहत पुल पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गई हैं और चालू कर दी गई हैं।
जिला कलेक्टर अलंकृता पांडे ने अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और सभी वैकल्पिक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। लोगों की परेशानी कम करने के लिए जिला प्रशासन ने गंगा नदी पर मुफ्त नाव सेवा शुरू की है, जिसका संचालन बियाडा घाट पर बढ़ाया जा रहा है। मंत्री श्रवण कुमार ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था संभालने के लिए विष्णुपद के पास लखनपुरा मोड़ पर एक सेवा शिविर का उद्घाटन किया है। इसके अलावा नाव संचालन के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की जाएगी।