विक्रमशिला सेतु में दरार और क्रेन धंसी, जानिए क्या है पूरी खबर

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर संतोषि माता मंदिर के पास एक पिलर में बड़ी दरारें आ गई हैं।पिलर और आर्च के जोड़ से कंक्रीट उखड़ने से अंदर के लोहे के सरिए बाहर दिख रहे हैं।विशेषज्ञों के चेतावनी दी है कि नमी से लोहा जंग खा सकता है जिससे खतरा बढ़ सकता है।योजना और प्रशासन विभाग के सचिव शशि भूषण सिंह ने कहा है कि विभाग इस कमी को जानता है।उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्राउटिंग और स्ट्रक्चरल रिइंफोर्समेंट से इसे ठीक किया जाएगा।मरम्मत के काम में कई अड़चनें भी आ रही हैं।3 मई की रात गंगा में गिरे हिस्से को बदलने के लिए स्टील गर्डर चढ़ाने के दौरान नदी के पास की दलदली मिट्टी में एक भारी क्रेन धंस गई।जमीन दलदली होने के कारण क्रेन सही जगह नहीं पहुंच पाई, जिससे अब गर्डर बार्ज के जरिए ले जाए जाएंगे।काम तेजी से चल रहा है और दो कंक्रीट गर्डर हटाए जा चुके हैं तथा तीसरे को काटने का काम चल रहा है।अधिकारियों को उम्मीद है कि यह काम दो दिन में पूरा हो जाएगा।इस प्रोजेक्ट में दिल्ली की एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शंस कंपनी काम कर रही है और महाराष्ट्र की मेट एसोसिएट्स तकनीकी जांच कर रही है।इस पर बिहार कैबिनेट ने 126.26 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।23 अक्टूबर 2026 तक युद्ध स्तर पर मरम्मत हो रही है।21 दिनों में तीन कमजोर स्लैब हटाए जाने के बाद, स्थायी स्टील ट्रस ब्रिज लगाने का काम हो रहा है और दिसंबर 2026 तक यातायात पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है।