भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की मरम्मत तेज, दिल्ली की कंपनी हुई शामिल

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का काम अब बहुत तेजी से हो रहा है। इसमें दिल्ली की मंगलम कंपनी भी शामिल हो गई है, जिसे 200 टन के स्टील गर्डर को लॉन्च करने की जिम्मेदारी दी गई है। सेतु निर्माण निगम की देखरेख में अब दो एजेंसियां काम कर रही हैं। यह एजेंसियां खराब स्पैन को हटाने और नए गर्डर लगाने का काम कर रही हैं ताकि तय समय पर काम पूरा हो सके। अक्टूबर 2026 के मध्य तक यह काम युद्ध स्तर पर चल रहा है और तीन शिफ्टों में 24 घंटे काम हो रहा है। नौगछिया की तरफ, चौथे बेली ब्रिज को बदलने के लिए लगभग 24 मीटर लंबे और 200 टन वजनी स्टील गर्डर को लॉन्च करने का काम चल रहा है। इस भारी पुर्जे से पुल की भारी वाहनों को संभालने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। सिक्किम से बुलाई गई बॉर्डर रोड्स संगठन की विशेषज्ञ टीमें भी इस परियोजना में शामिल हैं और वे 15 से 20 दिनों के भीतर एक नया ट्रस ब्रिज बनाने वाली हैं। तकनीशियन अभी खराब स्लैब हटा रहे हैं और बेयरिंग तथा एक्सपेंशन ज्वाइंट को भी बदलने की योजना है। यह मरम्मत का काम सेतु निर्माण निगम की कड़ी निगरानी में हो रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की नजर भी इस पर है ताकि गंगा में मलबा न गिरे। सुरक्षित निर्माण के लिए कर्मचारी हाइड्रोलिक शीयर जॉस, डायमंड वायर सॉ और डस्ट सप्रेशन सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि विस्फोटकों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। स्थायी मरम्मत के लिए इस पुल को 1 अक्टूबर 2026 से तीन महीने के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इस मरम्मत पर अनुमानित खर्च 99 करोड़ रुपये है। यह काम 126 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले बड़े पुनरुद्धार अभियान का हिस्सा है, जिसे 4 मई 2026 को गंगा में एक स्लैब गिरने के बाद शुरू किया गया था। अधिकारियों का लक्ष्य 30 नवंबर 2026 तक पुल पर ट्रैफिक फिर से शुरू करना है।