भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का काम एक जरूरी चरण में पहुंच गया है। स्लैब टूटने के बाद पुल के ढांचे को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। इस खबर की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: नौगछिया साइड में पिलर पी-3 और पी-4 के बीच 12 मीटर लंबा नया गर्डर सफलतापूर्वक लगाया गया। बरारी साइड में 24 मीटर लंबा पुराना और जर्जर कंक्रीट स्लैब पूरी तरह हटा दिया गया। अधिकारियों ने पुराने स्लैब हटाने और नए गर्डर लगाने को इस प्रोजेक्ट का सबसे कठिन हिस्सा बताया।
नौगछिया साइड की तरफ पुल के ढांचे को मजबूत करने के लिए नया 12 मीटर लंबा गर्डर पिलर पी-3 और पी-4 के बीच सफलतापूर्वक लगा दिया गया है।
अगले चरण में ट्रस्ट ब्रिज को कंक्रीट स्लैब के साथ नट-बोल्ट से जोड़ा जाएगा और इसके बाद सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने के लिए स्टील साइडर लगाए जाएंगे।
बरारी साइड पर एक बड़ा मील का पत्थर हासिल करते हुए 24 मीटर लंबा जर्जर कंक्रीट स्लैब पूरी तरह से हटा दिया गया।
यह काम शनिवार देर शाम बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के विशेषज्ञ इंजीनियरों की देखरेख में भारी-भरकम क्रेन की मदद से पूरा किया गया।
इस हिस्से के साफ होने के बाद अब मजदूर और टीमें नया गर्डर और स्लैब लगाने के लिए तैयार हैं।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधिकारियों ने पुराने स्लैब को हटाने और नए गर्डर लगाने के काम को इस प्रोजेक्ट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा बताया है।
नट-बोल्ट कसने और स्टील साइडर लगाने का काम आने वाले कुछ दिनों में पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद बरारी साइड के नए स्लैब की ढलाई शुरू होगी।
पुल निर्माण निगम के सचिव (योजना और प्रशासन) शशि भूषण सिंह ने पुष्टि की है कि नौगछिया साइड में ट्रस्ट लगाने को प्राथमिकता दी जा रही है।
सभी तीन क्षतिग्रस्त स्लैब सुरक्षित रूप से हटा दिए गए हैं और अब प्रयास बरारी साइड पर ट्रस्ट लगाने की ओर शिफ्ट हो गए हैं।
एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि पुल को औपचारिक रूप से सौंपने से पहले सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों की पूरी मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि तय समय सीमा के भीतर पुल पर यातायात पूरी क्षमता से बहाल कर दिया जाएगा।