विक्रमशिला सेतु की मरम्मत शुरू, जीआरईएफ ने हटाया पहला बेली ब्रिज

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का काम शुरू हो गया है। इसके तहत 30 सितंबर 2026 की रात 12 बजे से पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह पुल लगभग तीन महीने तक बंद रहेगा और इस पर 99 करोड़ रुपये की लागत से जरूरी मरम्मत का काम किया जाएगा। इस काम में अस्थायी बेली ब्रिज हटाना, नए स्टील गर्डर और स्लैब लगाना, और पुराने हो चुके बेयरिंग व एक्सपेंशन ज्वाइंट को बदलना शामिल है।
सीमा सड़क संगठन (जीआरईएफ) के कैप्टन सूरज लाड और सहायक अभियंता प्रणोदित मजुमदार की सीधी देखरेख में, 40 सदस्यों की विशेष तकनीकी टीम ने 1 अक्टूबर 2026 को पहला 60 फीट का बेली ब्रिज सफलतापूर्वक हटा दिया। यह काम सुबह 5:00 बजे शुरू हुआ और सात घंटे के भीतर पूरा हो गया। अधिकारियों ने बताया कि पहले सिंगल पैनल वाले ब्रिज को आसानी से हटा लिया गया, लेकिन आगे के चरण ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं। टीम का लक्ष्य अगले 10 दिनों के भीतर सभी चार मौजूदा बेली ब्रिज हटाने का है।
मरम्मत कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था
इस परियोजना के लिए समन्वय बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है। वरिष्ठ परियोजना अभियंता शशि भूषण सिंह ने पुष्टि की है कि सभी तैयारियां पूरी हैं। मरम्मत का काम एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया है और पंचकुला से स्टील स्लैब पहले ही पहुंच चुके हैं। वर्तमान में मौके पर बीआरओ के कुल 80 कर्मी तैनात हैं।
लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने आने-जाने के वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने इन उपायों की समीक्षा की है। इसमें भागलपुर और नौगाछिया के बीच मुफ्त 24 घंटे सेवा देने वाली 12 बड़ी नावें और नौकाएं शामिल हैं। सड़क निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने जोर देकर कहा कि पुल की स्थायी मरम्मत के लिए यह परियोजना बहुत जरूरी है, जिसकी आवश्यकता बाढ़ के कारण निर्माण में हुई देरी के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले ही बताई थी।