विक्रमशिला सेतु मरम्मत: जानिए कैसे कट रहे हैं क्षतिग्रस्त स्लैब और कब खुलेगा पुल

उत्तर और दक्षिण बिहार को आपस में जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का स्थायी जीर्णोद्धार कार्य तेजी से चल रहा है। पिलर नंबर 133 के पास तीन कमजोर स्लैबों को कटर मशीनों से काटा जा रहा है। निर्माण एजेंसी 24 घंटे काम कर रही है।
पर्यावरण और गंगा की सुरक्षा
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की गाइडलाइन का पूरा पालन हो रहा है। मलबे को गंगा से बाहर निकालने की सख्त कवायद की जा रही है। नदी में कंक्रीट का टुकड़ा न गिरे इसके लिए विशेष सुरक्षा मचान बना है। गांगेय डॉल्फिनों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है।
कार्य की प्रगति और समय-सारणी
पहला स्लैब कट चुका है और दूसरा स्लैब काटा जा रहा है। 15 दिनों में तीनों क्षतिग्रस्त स्लैब काटने का काम पूरा होगा। नवंबर के पहले सप्ताह तक नए बेयरिंग और गर्डर फिटिंग का काम पूरा होगा। 31 दिसंबर 2026 तक पुल पर दोबारा आवागमन बहाल करने का लक्ष्य है।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
पुल बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। प्रशासन ने नौका सेवा, मुंगेर गंगा पुल और रूट डायवर्जन इस्तेमाल करने की अपील की है।