त्रिवेणीगंज में चमत्कारी व्रत से बची जान या स्वास्थ्य का गंभीर खतरा

सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में पिता की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए एक महिला का कठिन व्रत चर्चा का विषय बना हुआ है। गुड़िया देवी नाम की महिला ने अपने पिता के ठीक होने पर नौ दिनों का कठिन निर्जला व्रत रखा है जिससे उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई है।
- गुड़िया देवी कुसहिया वार्ड-7 की रहने वाली हैं और उनके पति का नाम रामचंद्र सरदार है।
- उन्होंने अपने पिता वासुदेव सरदार के लकवा से ठीक होने पर यह कठिन अनुष्ठान शुरू किया था।
- पिता की तबीयत मन्नत मांगने के चार-पांच दिन बाद ही ठीक होने लगी थी।
मेला ग्राउंड दुर्गा मंदिर में अनुष्ठान
गुड़िया देवी ने 11 अक्टूबर को मेला ग्राउंड स्थित दुर्गा मंदिर में अपनी पूजा शुरू की थी। वह अपने दाहिने हाथ पर कलश रखकर यह कठिन तपस्या कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की जांच और डॉक्टरों की चेतावनी
नवरात्र के छठे दिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंदिरों में तैनात मेडिकल टीमों ने उनकी बिगड़ती सेहत को देखा। शुक्रवार शाम अनुमंडल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. उमेश कुमार ने उनकी गहन जांच की। उन्होंने पुष्टि की कि गुड़िया देवी को पहले से दिल की बीमारी है और व्रत के कारण उन्होंने अपनी नियमित दवाइयां बंद कर दी हैं।
जांच में उनका ब्लड प्रेशर असामान्य पाया गया तथा पल्स और दिल की धड़कन में खतरनाक उतार-चढ़ाव देखे गए। चिकित्सा विशेषज्ञों ने इसे मेडिकल इमरजेंसी घोषित किया है और उन्हें तुरंत व्रत तोड़ने तथा इलाज शुरू करने की कड़ी सलाह दी है।
प्रशासन की अपील और महिला का दृढ़ संकल्प
चिकित्सा स्टाफ और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद गुड़िया देवी अडिग हैं। उनका कहना है कि उन्हें केवल माता दुर्गा पर भरोसा है जो उनकी रक्षा करेंगी। शुक्रवार शाम एसडीओ अभिषेक कुमार और एसडीपीओ दिलीप कुमार ने मंदिर का दौरा कर उनसे व्रत समाप्त करने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने मना कर दिया। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है तथा अधिकारी और मेडिकल टीमें उन्हें तथा उनके परिवार को स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और दवाएं फिर से शुरू करने के लिए मनाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।